अब गेहू में बारिश और ओलावृष्टि से नहीं होगा नुकसान, वैज्ञानिको ने बनाई नई वैराइटी

Written by Vinod Yadav

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किसानो को बेमौसम बारिश और ओले गिरने से गेहू , सरसो, सोयाबीन और अन्य फसलों में काफी नुकसान हुआ है और गेहू की फसल पर उत्पादन पर काफी असर हुआ है सरकार की तरफ से इन किसानो को मुवावजा राशि भी जारी की जा रही है लेकिन किसानो के लिए अच्छी खबर ये है की भारतीय गेहू अनुसन्धान केंद्र की तरफ से कुछ वैराइटी को टेस्टिंग के लिए कई राज्यों में लगाया गया था और इन पर मौसम की वजह से नुकसान नहीं हुआ है

इन वैराइटी पर नहीं होगा मौसम का असर

भारतीय गेहू एवं जौ अनुसन्धान विभाग की तरफ से गेहू की डीबी डब्ल्यू 327,332,372,371, 370 को टेस्टिंग के लिए हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य में लगाया गया था और बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की वजह से इन वैराइटी में उत्पादन पर कोई असर नहीं हुआ है। मौसम की विपरीत परिस्थितियों में भी गेहू का उत्पादन कम नहीं हुआ है ये गेहू की वैराइटी मौसम के प्रति सहनशील है और विपरीत परिस्थितियों में भी ये गेहू की किस्म बम्पर उत्पादन देने में सक्षम है

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गेहू किस्म का उत्पादन

भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार ख़राब मौसम के चलते उनको चिंता थी की गेहू की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर हो सकता है और गेहू के उत्पादन में कमी आ सकती है लेकिन अब रिपोर्ट के हिसाब से गेहू के उत्पादन में कोई फर्क नहीं आया है और गेहू की गुणवत्ता भी काफी अच्छी रही है और किसानो को इस किस्म से प्रति एकड़ 30 किवंटल तक का उत्पादन मिल रहा है

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सरकार ने तय किया गेहू उत्पादन का लक्ष्य

देश में सरकार की तरफ से 112 मिलियन टन गेहू के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है वही पर भारतीय गेहू एवं जौ अनुसन्धान के निदेशक ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार इन किस्मो से गेहू का उत्पादन इससे भी अधिक होने वाला है। अगर पिछले वर्ष की बात करे तो सरकार की तरफ से साल 2020 -21 में गेहू का उत्पादन लक्ष्य 109 मिलियन टन था और साल 2021 – 22 में गेहू का उत्पादन 107 टन के करीब रहा है

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About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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