गेहू की सरकारी खरीद ने पकड़ी रफ़्तार, जानिए गेहू की तेजी मंदी की पूर्ण रिपोर्ट

Written by Vinod Yadav

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सरकार के द्वारा तय किये गए MSP रेट पर गेहू की फसल की खरीद की जा रही है लेकिन निजी मंडियों में गेहू के दाम अधिक मिल रहे है जिसकी वजह से किसान वर्ग निजी मंडियों की तरफ आकर्षित हो रहे थे लेकिन अब सरकार खरीद ने रफ़्तार पकड़ ली है गेहू की खरीद कार्य को तेज कर दिया गया है

सरकार ने जो खरीद का लक्ष्य रखा था वो पूर्ण हो जायेगा लेकिन शुरुआत में सरकारी खरीद सुस्ती के साथ चल रही थी जिससे लग रहा था की इस बात सरकार तय लक्ष्य को पूर्ण नहीं कर पायेगी

लेकिन पिछले हफ्ते सरकारी खरीद केन्द्रो पर तेजी से गेहू की खरीद की गई है इस बार सरकार की तरफ से गेहू के लिए 342 लाख टन खरीद का टारगेट रखा गया है और अब तक सरकारी खरीद केन्द्रो के माध्यम से 188 लाख टन गेहू की खरीद हो चुकी है

सरकार ने दी खरीद नियमो में छूट

सरकार की तरफ से गेहू के खरीद नियमो में छूट दी है गेहू की क्वालिटी को लेकर नियमो में ढील दी गई है जिसके कारण गेहू की खरीद में तेजी आई है। निजी मंडियों में अच्छी गुणवत्ता के गेहू को प्राइवेट व्यापारी 24 सौ रूपये प्रति किवंटल तक के भाव से खरीद रहे है

जिसके कारण किसान अच्छे भाव लेने के चक्कर में अच्छे गेहू को रोक रहे है अभी मार्किट में गेहू के भाव की बात की जाये तो नार्मल रेट दिल्ली की लारेन्स मंडी में 2280 रु प्रति क्विंटल के लगभग चल रहा है

अगर गेहू की आवक कम होती है तो गेहू के भाव में उछाल आना तय है और इसके पीछे कारण आप देख सकते है जब गेहू की नई फसल नहीं आई थी तब मंडी में गेहू के भाव 3200 रु तक पहुंच गए थे

जिसके कारण सरकार को खुले में गेहू उतारना पड़ा था सरकार की तरफ से पचास लाख टन गेहू को खुले बाजार में बिक्री की गई थी जिसके बाद कीमतों में कुछ कमी आई थी

इस बार गेहू की आवक कम होने से एक बार फिर से मंडी में गेहू के भाव में तेजी देखने के लिए मिल सकती है 

अगर गेहू के भाव बढ़ते है तो सरकार भी इस पर सख्त कदम उठा सकती है सरकार की तरफ से स्टॉक लिमिट जैसे सख्त कदम उठा सकती है और देश में सरकार ने गेहू का निर्यात पर तो पहले ही प्रतिबंध लगा रखा है

गेहू का भाव

शाजापुर2126
प्रतापगढ़2207
हनुमानगढ़1998
मेहसाणा2250
गोलूवाला2125
बरबीघा2150
बुरहानपुर
1922
चित्तौरगढ़2191
पुणे शरबती4250
पंजाब2125
About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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