जैविक खाद से करे तगड़ी कमाई , सरकार दे रही है सब्सिडी और लोन की सुविधा

Written by Vinod Yadav

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देश ने यूरिया और कीटनाशक के बढ़ते उपयोग के कारण अब सरकार भी सचेत हो गई है। और किसानो को जैविक खेती की और बढ़ाने का प्रयास कर रही है और लाखो किसान अभी के समय में जैविक वर्मी कम्पोस्ट खाद का उपयोग कर रहे है । तो अब आपके पास एक मौका है बड़ा बिज़नेस खड़ा करने का। देश में बहुत कम लोग ऐसे है जो वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन कर रहे है। और सरकार की तरफ से भी वर्मी कॉम्पोस्ट प्लांट के लिए लोन और सब्सिड़ी की सुविधा दी जा रही है। तो क्यों न इसका फायदा लेकर लाखो रूपये कमाने वाला बिज़नेस सेट किया जाये। राजस्थान सरकार की तरफ से तो इसके लिए बम्पर सब्सिड़ी दी जा रही है। और केंद्र सरकार की तरफ से भी ऑर्गनिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिड़ी की सुविधा दी जा रही है।

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कीटनाशक और यूरिया खाद के नुकसान

  • देश में हजारो एकड़ जमीन पर खेती होती है। और इसमें अंधाधुंध कीटनाशक और यूरिया खाद का उपयोग हो रहा है। इससे फसल तो अच्छी हो जाती है।
  • लेकिन इसके नुकसान काफी घातक है। यूरिया और कीटनाशक के इस्तेमाल से उपजाऊ जमीन अपनी उपजाऊ क्षमता को खो रही है।
  • यूरिया के कारण इंसानो और पशुओ में बीमारिया आ रही है
  • अनाज के माध्यम से बीमारिया और केमिकल हमारे शरीर में जा रहे है। जिससे शरीर की कार्यप्रणाली बदल रही है।
  • गंभीर बीमारिया पैदा हो रही है।
  • इसलिए सरकार की तरफ से किसानो को आर्गेनिक खाद की तरफ बढ़ाने की शुरुआत की गई है। और धीरे धीरे लाखो लोग आर्गेनिक खाद का इस्तेमाल करने लगे है।

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आर्गेनिक खाद के फायदे

  • आर्गेनिक खाद देशी खाद होता है। जो की प्राकृतिक रूप से तैयार किया जाता है।
  • इसमें किसी भी प्रकार के कैमीकल नहीं होते है।
  • इससे जमीन की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है।
  • फसलों के उत्पादन पर लम्बे समय तक असर रहता है। पशुओ की हेल्थ अच्छी होती है।
  • इंसान के शरीर में बीमारिया कम होती है।
  • क्योकि जैविक खाद से जो अनाज पैदा होता है। उसमे केमिकल नहीं होता जो हमारे शरीर के लिए खतरनाक होते है।
  • यूरिया खाद के मुकाबले सस्ता पड़ता है। खेती में खर्चा कम आता है।

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वर्मी कम्पोस्ट यूनिट आप कैसे लगा सकते है।

  • आपको बता दे की वर्मी खाद वही होता है जो गोबर को केंचुए के माध्यम से सड़ा कर तैयार किया जाता है। और जिन किसानो के पास अधिक पशु होते है तो वो गोबर को एक जगह इक्क्ठा कर देते है तो कुछ समय बाद वो खुद ही कम्पोस्ट खाद में तब्दील हो जाता है।
  • लेकिन वर्मी कम्पोस्ट को हम लोग केंचुए की मदद से कम समय में तैयार कर लेते है।
  • वर्मी कम्पोस्ट की यूनिट के लिए आपके पास कुछ जमीन होनी जरुरी है। इसमें आपके पास आधा बीघा जमीन भी है तो उसमे वर्मी यूनिट लगा सकते है।
  • इसके लिए आपको थोड़ी सी सावधानी रखनी होती है।
  • वर्मी कम्पोस्ट की यूनिट में नमी और थोड़ा अँधेरा रखा जाता है। और जहा पर यूनिट लगाई जाती है।
  • उस जगह पर आपको ऐसा इंतजाम करना होता है की सूर्य की किरणे सीधे न पड़े।

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वर्मी कॉम्पोस्ट यूनिट के लिए सब्सिडी

सरकार की तरफ से वर्मी कॉम्पोस्ट खाद बनाने की यूनिट लगाने के लिए आपको 30 फीट X 8 फीट X 2.5 फीट आकार के पक्के वर्मी कंपोस्ट यूनिट बनाने के लिए किसानों को अधिकतम 50 प्रतिशत (अधिकतम 50000 रुपये प्रति इकाई) सब्सिड़ी प्रदान की जाती है। यदि आपके पास यूनिट में कॉम्पोस्ट बेड की लम्बाई और चौड़ाई 12 फीट X 4 फीट X 2 फीट है तो इसके लिए आपको 8000 रूपये प्रति यूनिट के हिसाब से सब्सिड़ी मिल जाती है। जितनी ज्यादा जमीन में आप वर्मी कॉम्पोस्ट यूनिट लगाते है उतनी ही सब्सिड़ी आपको मिल जाती है।

सब्सिड़ी कैसे मिलेगी

जिन किसानो ने वर्मी कॉम्पोस्ट यूनिट लगा ली है वो सब्सिड़ी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसके लिए आपको ऑनलाइन किसी भी ईमित्र या फिर कॉमन सर्विस सेण्टर की दुकान से आवेदन करना होता है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आपके वर्मी कॉम्पोस्ट यूनिट का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद डायरेक्ट आपके खाते में सब्सिड़ी भेज दी जाती है।

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जरुरी दस्तावेज

जो लोग सब्सिड़ी के लिए आवेदन करना चाहते है उनके पास आधार कार्ड , जमीन की नकल , फोटो, होनी जरुरी है। ये सब आपको ऑनलाइन फॉर्म भरते टाइम चाहिए होते है

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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