सरसो में तेजी के आसार, तेल मिलो में बढ़ी सरसो की मांग, भाव 7 हजार के ऊपर जाने की संभावना, जानिए तेजी मंदी रिपोर्ट

Written by Vinod Yadav

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सरसो के भावों में लगातार हलचल जारी है पिछले दिनों तेल मिलो ने सरसो की खरीद पर प्रति किवंटल तक 200 रु तक की बढ़ोतरी की थी जयपुर में कंडीशन सरसो के भाव 5650 रु प्रति किवंटल तक हो गए इसमें 125 रु की बढ़ोतरी दर्ज की गई है

इसके साथ ही सरसो कच्ची घानी और एक्सपेलर तेल के भावों में भी 22 रु की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार को जयपुर में सरसो कच्ची घानी और एक्सपेलर के भाव प्रति दस किलो 1115 और 1105 रु तक पहुंच चुके थे। इसके साथ ही सरसो खल की कीमतों में भी तेजी दज की गई है। सरसो खल में 25 रु तेजी के साथ 2375 रु प्रति किवंटल तक के भाव चल रहे है मार्किट में सरसो की आवक भी बढ़ रही है बुधवार को सरसो की आवक देश की बड़ी मंडियों में 9.50 लाख बोरियो तक पहुंच गई थी जो की पिछले दिनों 9.28 लाख बोरियो तक थी

विदेशी बाजारों का हाल

फ़िलहाल मलेशियाई पाम तेल के निर्यात में कमी के कारण खाद्य तेल में तेजी दर्ज की जा रही है मलेसिया में मौसम की वजह से पाम के निर्यात पर असर हुआ है। वही पर भारत सरकार की तरफ से सूरजमुखी तेल पर शुल्क आयात कोटा को खत्म कर दिए जाने से मलेशियन पाम तेल बुधवार को तेजी के साथ बंद हुआ है।

मलेशिया में कई क्षेत्रों में बारिश और मौसम की वजह से पाम के निर्यात और उत्पादन पर असर हो रहा है। कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज BMD पर मई डिलीवरी पाम तेल वायदा अनुबंध शाम के समय में 46 रिंगिट यानी 1.11 फीसदी बढ़कर 4, 188 रिंगिट प्रति टन हो गया वही पर डालियान सोया तेल वायदा अनुबंध में 0.1 तेजी दर्ज की गई है। इसके साथ ही शिकागो ट्रेड में भी सोया तेल में 0.7 फीसदी तेजी दर्ज की गई है

भारत में सरसो का हाल

देश के कई राज्यों में मौसम ख़राब रहा है और आगमी एक दो दिनों तक बारिश होने के आसार बन रहे है इससे सरसो की आवक में कमी आ सकती है इससे सरसो के भावों में सुधार हो सकता है मार्किट में फसल के भाव कई कारण पर निर्भर करता है व्यापर अपने विवेक पर करना उचित रहेगा

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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