सरसो के भाव लगातार जा रहे है निचे , देखिये आज के भाव

Written by Vinod Yadav

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नई सरसो की आवक के बढ़ने और तेल मिलो के द्वारा सरसो की खरीद कम करने से सरसो के दाम आज भी टूटत में रहे है। आज सरसो के दाम में 25 रूपये की टूटत दर्ज की गई है। सरसो की फसल कट चुकी है और नई सरसो मंडी में आ रही है उत्पादन एक दम से बढ़ गया है इसलिए बाजार में और तेल मिलो में सरसो की खरीद भाव पर असर पड़ रहा है। मंडियों में रोजाना 10 से 12 लाख के करीब बोरिया आ रही है। अगर राजस्थान राज्य की मंडियों की बात करे तो 4 लाख 70 हजार बोरी सरसो की आवक राजस्थान की मंडियों में हुई है। वही पर हरियाणा की सभी मंडियों में भी सरसो की आवक अधिक हो रही है। पिछले कुछ दिनों से हरियाणा की मंडियों में 35 से 40 हजार बोरियो की आवक हो रही है सबसे जयादा आवक राजस्थान , उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश और गुजरात राज्य की मंडियों में हो रही है।

खल की कीमते

सरसो की कच्ची घानी के भाव में 16 रूपये की घटत के साथ अब कच्ची घानी के भाव 1124 रूपये हो चूका है। वही पर सरसो एक्सपेलर के भाव भी 16 रूपये कम हुए है उसकी कीमत 1114 रूपये का हो गया है। लेकिन खल की कीमतों में कोई बदलाव देखने के लिए नहीं मिला है। खल का जो भाव पहले चल रहा था वही भाव अभी भी है खल खा भाव 2400 रूपये प्रति किवंटल चल रहा है

मंडी भावटूटत
दिल्ली मंडी55600
बरवाला मंडी520050
हिसार मंडी54000
मुरैना मंडी5110100
सिवनी मंडी48550
बीकानेर मंडी5000200
कोटा मंडी55100
अलवर मंडी5400100

सरसो के भाव कम होने के पीछे क्या कारण है

सरसो पिछले साल 90 लाख हेक्टेयर भूमि पर बुआई की गई है और उसमे कुल उत्पादन 112 लाख टन सरसो का उत्पादन हुआ था। लेकिन इस बार सरसो की बुआई पहले की साल के मुकाबले आठ प्रतिशत अधिक हुई है। और इस समय पाम के तेल में गिरावट जारी है। पाम तेल अभी के टाइम में 92 रूपये प्रति किलो के हिसाब से कांडला एयरपोर्ट पर भेजा जा रहा है। सरसो के भाव गिरने के पीछे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पाम के तेल की मांग कम होने और पिछले साल की जो सरसो लोगो ने रोक के रखी है और अभी जो नई सरसो आ चुकी है उसके कारण मंडी में सरसो की आवक अधिक हो चुकी है तो सरसो के दाम लगातार गिरते जा रहे है। इस बार सरसो के तेल के दाम भी कम रहने वाले है

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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