जन औषधि केंद्र खोलने के लिए सरकार दे रही मदद , कमाई लाखो में Pradhanmantri jan aushadhi kendra

Written by Vinod Yadav

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Pradhanmantri jan aushadhi kendra सरकार की तरफ से गरीब वर्ग के लोगो को कम कीमत पर दवाई मुहया करवाने के लिए साल 2008 में एक योजना की शुरुआत की थी जिसके तहत सभी जेनरिक दवाइया कम कीमत पर लोगो को दी जाती है। और इस योजना के तहत देश के हर राज्य के हर जिले में मेडिकल स्टोर खोले जाने है। अब तक करीब 8689 के लगभग प्रधानमंत्री जान औषधि केंद्र खुल चुके है जहा पर गरीब वर्ग को कम कीमत पर दवाई मिलती है। ये सेण्टर गवर्नमेंट की स्कीम है। और आज के टाइम में सरकार की तरफ से इन स्टोर की संख्या बढाकर दस हजार जन औषधि केंद्र खोलने की तैयारी है।

आप किस प्रकार से खोल सकते है जन औषधि केंद्र

सरकार की तरफ से जन औषधि केंद्र खोलने के लिए मदद दी जाती है। इसमें आपको दुकान का फर्नीचर ओर अन्य सामान के लिए एक लाख पचास हजार तक की मदद की जाती है। इस योजना के तहत जन औषधि केंद्र आवेदन के लिए तीन केटेगरी बनाई गई है।

पहली केटेगरी

पहली केटेगरी में वो लोग आते है जो की बेरोजगार है और उन्होंने मेडिकल में बी फार्मा किया हुआ है। इसमें कोई डॉक्टर भी हो सकता है। या फिर कोई भी बेरोजगार व्यक्ति भी हो सकता है लेकिन अगर आप इस जन औषधि केंद्र को खोलना चाहते है और आपके पास मेडिकल की कोई डिग्री नहीं है तो आपको अपने जन औषधि केंद्र पर कोई ऐसा व्यक्ति रखना होता है जिसने मेडिकल की पढाई पूर्ण की हो और दवाई के बारे में पूरी जानकारी हो

दूसरी केटेगरी

इस केटेगरी में बड़े छोटे प्राइवेट हॉस्पिटल, एनजीओ और ट्रस्ट आते है। इनके पास मेडिकल का स्टाफ होता है। और डॉक्टर को आसानी से सरकार की तरफ से इस योजना के तहत जान औषधि केंद्र का लाइसेंस मिल जाता है।

तीसरी केटेगरी

राज्य सरकार की तरफ से प्रमाणित एजेंसी इस केटेगरी में लिस्ट है। उनको जन औषधि केंद्र का लाइसेंस मिलता है।

जन औषधि केंद्र खोलने के लिए पात्रता

सरकार की तरफ से चलाई जा रही इस योजना के तहत देश का कोई भी नागरिक जन औषधि केंद्र का लाइसेंस ले सकता है। शर्त ये है की उसके पास या तो बी फार्मा की डिग्री हो या फिर उसने कोई स्टाफ ऐसा रखा हो जिसने बी फार्मा की डिग्री की हुई है। उसकी डिग्री के आधार पर आपको जन औषधि केंद्र का लाइसेंस मिल जाता है।

जन औषधि केंद्र से कमाई कितनी कर सकते है।

जब भी किसी व्यक्ति को जन औषधि केंद्र का लाइसेंस दिया जाता है। तो उसको आर्थिक मदद भी दी जाती है। आर्थिक मदद इसलिए दी जाती है ताकि दुकान का फर्नीचर और अन्य सामान ख़रीदा जा सकते है। जन औषधि केंद्र पर जितनी भी सेल होती है उसका 20 प्रतिशत कमीशन जन औषधि केंद्र के लाइसेंस धारक को मिलता है। और इसके साथ ही इसमें आपको इंसेंटिव भी मिलता है। जो की 15 प्रतिशत होता है।

जन औषधि केंद्र खोलने के लिए शर्ते

  • जब आप जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन करते है तो उससे पहले आपके कम से कम ये सुविधा होनी जरुरी है। इसके बिना आपका आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा
  • दुकान के लिए आपके पास खुद की या फिर किराये की जगह होनी जरुरी है। इसके बिना आपको जन औषधि केंद्र का लाइसेंस नहीं मिलेगा।
  • सबसे जरुरी दस्तावेज बी फार्मा का प्रमाण पत्र होना जरुरी है। क्योकि अगर आपको दवाई की जानकारी ही नहीं है तो आप लोगो को गलत दवाई दे सकते है और इससे उनको नुकसान हो सकता है। इसलिए जिन लोगो ने डॉक्टर की पढाई कर रखी है वो लोग इसके तहत लाइसेंस ले सकते है।
  • किसी भी जिले में या शहर में यदि जनसँख्या दस लाख से अधिक है तो एक किलोमीटर की दुरी पर आप जन औषदि केंद्र खोल सकते है।

जन औषधि केंद्र के लिए शुल्क राशि

जब भी आप जन औषधि केंद्र के लिए आवेदन करते है तो उस टाइम आपसे पांच हजार रूपये की धनराशि ली जाती है। वो नॉन रेफंडेबल राशि होती है। जो लोग जनरल केटेगरी और ओबीसी में आते है ये शुल्क उनके लिए है बाकि के लिए कोई शुल्क नहीं है।

जन औषधि केंद्र के लिए जरुरी दस्तावेज

  • आवेदनकर्ता का आधार कार्ड
  • आवेदक के द्वारा की गई बी फार्मा की डिग्री
  • जाति प्रमाण पत्र
  • यदि आवेदनकर्ता इनकम टैक्स के दायरे में आते है तो इनकम प्रूफ
  • आवेदक के बैंक अकाउंट की स्टेटमेंट छह महीने की
  • अंडरटेकिंग
  • डिस्टेंस पॉलिसी की डिक्लेरेशन

जन औषधि केंद्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करे (Pradhanmantri jan aushadhi kendra apply online)

यदि आप सरकार की तरफ से चलाई जा रही इस योजना के तहत लाइसेंस लेकर जन औषधि केंद्र खोलना चाहते है तो इसके लिए आपको http://janaushadhi.gov.in/index.aspx वेबसाइट पर जाना होगा
होमपेज पर आपको PMBJK ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का लिंक मिलता है। इस पर जाकर आप ऑनलाइन फॉर्म को भर सकते है।

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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