किसानो ने सड़को पर खाली किये आलू से भरे ट्रेक्टर, कोई आलू को खरीदने के लिए तैयार नहीं

Written by Vinod Yadav

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इस बार आलू की फसल काफी अच्छी हुई है और किसानो को उम्मीद थी की इस बार उनको आलू के भाव अच्छे मिलेंगे लेकिन मामला इसके विपरीत हो रहा है। मार्किट में आलू को कोई 4 रूपये प्रति किलो के हिसाब से भी खरीदने के लिए तैयार नहीं है है। इससे किसान नाराज हो गए है उचित दाम नहीं मिलने से किसानो को फसल को लाने ले जाने का भाड़ा तक नहीं निकल पा रहा है। जा लागत है वो तो दूर की बात है और इसी बात से नाराज किसानो ने सड़क पर आलू फेक कर सरकार के खिलाफ विरोध व्यक्त किया है।

रोड पर बिखेरी आलू की बोरिया

बिहार के बेगूसराय जिले का मामला है इस बार राज्य में आलू का उत्पादन काफी अच्छा रहा और किसान वर्ग को आलू की फसल से काफी मुनाफे की उम्मीद थी लेकिन मार्किट में आवक अधिक होने से आलू का मार्किट रेट डाउन हो गया और कोई भी व्यापारी आलू को 4 रूपये प्रति किलो तक का भाव भी देने के लिए तैयार नहीं है इसलिए परेशां किसानो ने सरकार के खिलाफ सड़क पर आलू फेक कर रोष व्यक्त किया है बेगूसराय में किसानो ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी भी

कोल्ड स्टोरेज में भी आलू स्टोर करने की जगह नहीं बची

आलू की आवक इतनी अधिक हो रही है की अब कोल्ड स्टोरेज में भी आलू को स्टोर करने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। किसानो ने नेशनल हाईवे पर करीब 25 किवंटल आलू को फेक कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और रोष व्यक्त किया। इसमें पंचायत झमटिया के किसान शामिल थे। किसानो ने हजारो रूपये लगाकर और जीतोड़ मेहनत के बाद आलू की फसल को उगाया था और इस फसल से उनको काफी मुनाफे की उम्म्मीद थी लेकिन अब किसानो को फसल के ख़राब होने की चिंता सता रही है। क्योको उनको आलू को स्टोर करने के लिए कोल्ड स्टोरेज में भी जगह नहीं मिल रही है। और अधिक गर्मी होने के कारण आलू जल्द ही खराब हो जाता है। किसानो ने मांग की है की आलू की फसल का MSP तय किया जाये ताकि किसानो को आलू की फसल का उचित दाम मिल सके

अलग अलग मंडियों में आलू का भाव

बेगूसराय मंडी में आलू 4 से 6 रु प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है वही पर कटिहार में आलू के भाव तो 4 रूपये प्रति किलो से भी निचे जा चुके है। वैशाली मंडी में आलू का भाव 7 रूपये प्रति किलो के हिसाब से चल रहा है। जिस प्रकार के भाव मंडी में मिल रहे है उन भावो के कारण किसान अपनी फसल की लागत भी नहीं निकाल पा रहे है। गर्मी अधिक होने के कारण आलू के ख़राब होने की संभावना भी अधिक रहती है।

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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