फसल स्टोरेज हाउस बनाने के लिए मिल रही है 87 हजार रूपये की सब्सिडी, आज ही लाभ उठाये

Written by Vinod Yadav

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मार्किट में प्याज की मांग इतनी घट चुकी है की किसानो को इसके सही दाम नहीं मिल पा रहे है और इस साल प्याज की आवक भी बम्पर हो रही है जिससे प्याज के भाव गिर गए है कोई व्यापारी प्याज को 4 रूपये किलो के भाव में भी नहीं खरीद रहे है। क्विंटल के हिसाब से प्याज का रेट 500 रुपये किलो तक पहुंच चुका है इसके चलते किसानो को मज़बूरी में कम कीमत पर ही ब्याज बेचनी पड़ रही है। इसके पीछे कारन ये है की किसानो के पास उचित भण्डारण की जगह नहीं है

जिससे उनकी फसल को सुरक्षित रखा जा सकते है। फसल के ख़राब होने के डर से किसान प्याज को कम दाम पर ही बेच रहे है इसके साथ ही किसानो के द्वारा सड़को पर प्याज को फेकने की खबर भी आ रही है अब सरकार की तरफ से इस समस्या को देखते हुए किसानो की मदद के लिए स्टोरेज हाउस बनाने के लिए सब्सिड़ी दी जा रही है। इसके लिए 87000 रु तक की सब्सिड़ी राजस्थान सरकार की तरफ से किसानो को दी जा रही है

स्टोरेज रूम के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी

किसानो को सरकार की तरफ से 25 मीट्रिक टन क्षमता के स्टोरेज हाउस के लिए 50 प्रतिशत तक (87000 रु ) की सब्सिडी प्रदान की जाती है। इससे किसान अपनी प्याज और अन्य फसलों को स्टोर कर सकते है और सही मूल्य मिलने पर अपनी फसल को बेच सकते है। स्टोरेज रूम की सब्सिडी पाने के लिए किसान के पास न्यूनतम 0.5 भूमि होना जरुरी है।

सब्सिडी के लिए आवेदन कहा से करे

राजस्थान सरकार की तरफ से जारी की गई वेबसाइट राज किसान साथी पोर्टल पर जाकर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके साथ ही आप किसी भी नजदीकी CSC या फिर ई मित्र केंद्र से भी इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। आवेदन करने के लिए आपके पास आधार कार्ड , ज़मीन की नकल जो की नई होनी चाहिए और आपके फ़ोन नंबर होना जरुरी है

आवेदन की जाँच के बाद जारी होगी राशि

आपके ऑनलाइन आवेदन के बाद आपकी एप्लीकेशन की जाँच की जाएगी और इसके बाद आपको गठित समिति की तरफ से अनुदान की राशि खाते में भेज दी जाएगी

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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