Napier grass : ये घास बढ़ाएगी पशुओं का दूध , एक बार लगाओ और पांच साल तक कटाई करो, साथ में करो लाखो रूपये की कमाई

Written by Vinod Yadav

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Napier grass description – गर्मी के मौसम में पशुओ के लिए हरे चारे का प्रबंध करना पशुपालक के लिए बहुत ही कठिन होता है क्योकि सीजन के हिसाब से जो भी हरा चारा उगाया जाता है वो गर्मियों के मौसम में आकर खत्म हो जाता है और पशुओ के लिए हरे चारे की समस्या खड़ी हो जाती है। और इससे दुधारू पशुओ पर भी काफी असर पड़ता है। और जिन लोगो का काम दूध बेच कर चलता है उनके लिए तो समस्या और बढ़ जाती है। तो इस समस्या से निपटने के लिए हम आपको इस पोस्ट में नेपियर घास के बारे में बताने वाले है। जिसको आपको खेत में एक बार लगाना होता है और उसके बाद आप लगातार चार से पांच साल तक कटाई कर सकते है। और ये घास पशुओ के लिए काफी फायदेमंद होती है। इससे दुधारू पशुओ में दूध की मात्रा अधिक हो जाती है। और गर्मियों की दिनों में हरे चारे की समस्या नहीं होती है। और इस घास की देखभाल करना भी कोई खास कार्य नहीं है। एक बार लगाने के बाद आप इसमें टाइम पर सिचांई करते रहे और हरा चारा आपको मिलता रहेगा।

नेपियर घास में मिलने वाले पोषक तत्व (Napier grass nutrient content)

पशुओ के लिए Napier grass काफी अच्छी मानी जाती है। इस घास में प्रोटीन और फाइबर होता है। जिसके कारन पशुओ को इसका काफी अधिक फायदा मिलता है। इस घास की एक बार कटाई होने के बाद 30 से 40 दिन के अंतराल पर इसकी दोबारा से कटाई कर सकते है। और यदि आप इस घास की कटाई नहीं करते है तो इसकी लम्बाई 15 फ़ीट तक बढ़ सकती है। अगर आपके पास एक एकड़ जमीन है तो उसमे आप इस घास को लगा सकते है। आपको सालभर के लिए हरे चारे की समस्या नहीं होगी। इस घास से पशुओ की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

नेपियर घास को उगाने के लिए क्या तैयारी करनी होती है

पशुपालक इस घास को बड़ी आसानी से खेत में लगा सकते है। इसमें कोई खास प्रणाली नहीं है इस घास को लगाने के लिए। जिस प्रकार से अन्य फसल के लिए खेत की तैयारी की जाती है उसी प्रकार से इस घास को लगाने के लिए खेत की जुताई करनी होती है। आपको घास के बीज लाने की जरुरत नहीं है आपको घास की जड़ मिल जाती है तो इसको आप खेत में लगा सकते है। लेकिन इसके बीज भी मिलते है यदि आप बीज लगाते है तो इसको बढ़ने में थोड़ा टाइम लगता है लेकिन जड़ लगाने से इसके बढ़ने की प्रक्रिया होती है। खेत में अच्छी तरह से जुताई करने के बाद दो से तीन फ़ीट के अंतर पर नेपियर घास की जड़ो को लगा सकते है। एक बार नेपियर घास लगाने के बाद आपको हर 30 से 40 दिन के बाद कटाई के लिए घास मिलनी शुरू हो जाती है। यदि आपने एक एकड़ में नेपियर घास लगाई है तो आपको इसमें साल भर में 400 से 500 किवंटल हरा चारा मिल जाता है। एक बार कटाई होने के बाद ये घास और गहरी हो जाती है और इसका उत्पादन बढ़ जाता है।

डेरी फार्म के लिए अति उत्तम है ये Napier grass

जिन लोगो के पास चार से पांच पशु है और उनका दूध उत्पादन का काम है तो उनको ये घास जरूर लगानी चाहिए। 4 से 5 पशुओ के लिए साल भर हरा चारा लेने के लिए आपको आधा बीघा जमीन की ही जरुरत होती है। इसमें आपको सालभर के लिए पर्याप्त हरा चारा मिल जाता है।

हरा चारा बेच कर कमाई भी कर सकते है (Napier grass uses)

अगर आप ऐसे क्षेत्र में रहते है जहा पर पशुपालन अधिक होता है तो आप Napier grass को बोकर अच्छे पैसे भी कमा सकते है। इसमें आपको लागत कम और मुनाफा अधिक होने वाला है। इस घास को एक बार बोने के बाद आपको चार से पांच साल तक कमाई होती है।

नेपियर घास के लिए खाद और सिंचाई

किसान भाई Napier grass को खेत में कही पर भी लगा सकते है अगर आपके पास खाली प्लाट पड़ा है तो उसमे भी इसको लगा सकते है। इस घास में आपको गोबर की खाद का इस्तेमाल करना है और इसके साथ आप थोड़ा बहुत यूरिया भी इसमें प्रयोग कर सकते है। लेकिन यूरिया से पशुओ में गर्मी की दिक्कत हो सकती है। इसलिए जितना हो सके आर्गेनिक खाद का उपयोग करना चाहिए

नेपियर घास बोने का समय

Napier grass को यदि सर्दियों के मौसम में उगाया जाता है तो इसकी बढ़वार कम होती है। लेकिन गर्मी के मौसम में ये घास दुगनी तेजी से बढ़ती है। समय पर सिचांई और खाद मिलने पर आपको हर दस दिन में कटाई के लिए Napier grass तैयार हो जाती है। इस घास को बोने का सही समय फरवरी के महीने से लेकर जून जुलाई के महीना है। इसमें ये घास काफी तेजी से बढ़ती है और आपको एक बात और बता दे की इस घास में कोई बीज नहीं बनता है तो आप इसको कटिंग करके बो सकते है।

नेपियर घास की कितनी किस्मे आती है (Types of napier grass)

नेपियर घास में सबसे अधिक उत्पादन और तेज गति से बढ़ने वाली घास की किस्म NB 21 है। इस घास की किस्म से एक हेक्टेयर में 300 टन तक का उत्पादन हो सकता है। Napier grass में और भी किस्मे आती है। जिसमे पूसा जायंट, NB-21, CO-1, CO-3, IGFRI-3, IGFRI-6, IGFRI-7, IGFRI-10, यशवन्त, स्वातिका, गजराज, संकर-1, संकर-2 और शक्ति किस्म शामिल है। नेपियर घास को अफ्रीका में सबसे पहले तैयार किया गया था। उसके बाद भारत में इस घास को कोयम्बुत्तूर में तैयार किया गया और इस पर रिसर्च करने के बाद इसकी कई किस्म तैयार की गई है।

नेपियर घास के फायदे

  • नेपियर घास के पशुओ को बहुत अधिक फायदे होते है। और पशुपालको को हरे चारे की कमी नहीं होती है
  • नेपियर घास गर्मियों में होने वाली हरे चारे की समयसा से आपको निजात दिला सकती है।
  • इस घास में कैल्सियम और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है तो जो पशु दुधारू है उनका दूध इस घास के सेवन से दस से पंद्रह प्रतिशत तक बढ़ जाता है
  • कम जमीन पर भी आप इस घास को लगा सकते है। आपके पास चार से पांच पशु है तो आप इस घास को आधा बीघा खेत में लगा सकते है इससे सालभर के लिए आपको पशुओ के लिए हरा चारा मिल जाता है
  • एक बार इस घास को लगाने के बाद आपको चार से पांच साल तक दोबारा से बोआई करने की जरुरत नहीं होती है
  • यदि आप इस घास को बरसात के मौसम में लगाते है तो 20 से 25 दिन में ही ये घास कटाई के लिए तैयार हो जाती है।
  • एक एकड़ भूमि में इस घास से पशुपालक 400 से 500 किवंटल हरा चारा ले सकते है।

कमाई के साथ तगड़ा मुनाफा भी कमा सकते है

जिन लोगो के पास रोजगार नहीं है वो लोग किराये पर खेत लेकर Napier grass को लगा सकते है। और एक बार खर्चा करके आप लगातार पांच साल तक इस घास से कमाई कर सकते है। लेकिन इसके लिए आप उस क्षेत्र में घास लगानी होती है जहा पर पशुपालक अधिक होते है। या फिर ऐसा एरिया हो जहा पर डेरी फार्म होते है। उनको आप Napier grass बेच कर मुनाफा कमा सकते है। इसमें एक बार घास लगाने के बाद कोई खर्चा नहीं होता है। हालाँकि टाइम पर आपको इसमें खाद और सिंचाई का धयान तो रखना ही होता है। लेकिन बारिश के मौसम में आपको इसमें थोड़ी राहत मिल जाती है। गर्मी के मौसम में आप 15 दिन में एक बार सिंचाई कर सकते है।

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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