Nakli Ghee Ki Pahchan – नकली और असली घी में क्या अंतर् होता है

Written by Anita Yadav

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Nakli Ghee Ki Pahchan: बाजार में नकली घी धड्ड्ले से बेचा जा रहा है और जब कोई त्यौहार आता है तो इसकी बिक्री और भी बढ़ जाती है। लेकिन खाद्य विभाग बहुत से स्थानों पर छापेमारी की कार्यवाही करके बहुत से नकली घी बेचने वालों को पकड़ती है। फिर भी बहुत से लोग इससे बचने में सफल हो जाते हैं।

ये नकली घी सेहत के लिए बहुत ही घातक सिद्ध हो रहा है। आपने देखा होगा की आये दिन नई नई बीमारियां जन्म ले रही है और लोग मरने लग रहे है। ये सब इन मिलावट करने वालों की देन होती है। इन मिलावटखोरों को सिर्फ पैसे से मतलब होता है। इंसान की जान की कीमत इनकी नजर में कुछ भी नहीं होती। आज हम आपको देखि घी और नकली घी में क्या पहचान होती है इसके विषय में जानकारी दे रहे हैं ताकि आप कभी भी इसका शिकार ना बने।

असली देशी घी की पहचान

अगर आप घी शुद्ध और देशी है तो उसका रंग हल्का पीला होगा। शुद्ध देशी घी जमने पर आपको रुई की टैररफ दिखाई देगा। जिस प्रकार से अंडे की जर्दी का रंग हल्का पीला होता है ठीक उसी तरफ से हल्का हल्का पीला रंग होता है देशी घी का।

देशी घी को हाथ पर लगाने से तुरंत पिघल जायेगा लेकिन मिलावटी घी तुरंत नहीं पघलता और उसको मलने पर पिघलता है। अगर देशी घी को जमा दिया जाए तो उसमे कोई भी लेयर नजर नहीं आएगी। पूरा घी एक ही रंग का नजर आएगा। असली घी को उसकी खुशबू से भी आसानी से पहचाना जा सकता है।

नकली घी की पहचान

नकली घी का रंग अधिक पीला होता है और उसको अगर जमा दिया जाए तो उसमे अलग अलग लेयर नजर आती है। नकली घी की खुशबु से भी आसानी से पता चल जायेगा क्योंकि उसमे वनस्पति तेलों की खुशबु अलग से ही पता चल जाती है। नकली घी बनाने के लिए स्टार्च ,एसेंस और रिफाइन और वनस्पति घी का इस्तेमाल किया जाता है।

असली और नकली घी में अंतर कैसे होता है?

बहुत से तरीकों से असली और नकली घी में अंतर किया जा सकता है। इनमे से नकली असली की पहचान करने के लिए आप इन तरीकों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

पानी द्वारा घी की पहचान: बाजार से ख़रीदे घी को आप जानना चाहते है की ये नकली है या असली तो आपको इस घी को गर्म करना है और फिर इसको पानी में दाल देना है। असली घी हमेशा पानी के ऊपर तैरता है और अगर अस्मे मिलवट होगी तो मिलावटी अंश पानी के निचे बैठ जायेंगे।

नमक द्वारा घी की पहचान : बाजार से ख़रीदे घी को गर्म करके उसमे थोड़ा सा नमक दाल दीजिये। इसके बाद अगर घी का रंग वैसा ही बना रहता है जैसा पहले था तो ये शुद्ध देशी घी है अन्यथा इस घी का रंग बदलकर अगर बैंगनी होने लगे तो इसका मतलब होता है की घी में स्टार्च की मिलावट की गई है।

चीनी द्वारा घी की पहचान: नकली घी और असली घी की पहचान करने के लिए उस घी को गर्म करने के बाद उसमे चीनी को मिला दीजिये। चीनी के मिलने के कुछ देर बाद अगर घी का रंग लाल होने लगता है तो इसका मतलब होता है की घी के अंदर वनस्पति तेलों को मिलाया गया है।

घी को जमाकर पहचान करना: आप जो घी बाजार से खरीदकर लेकर आये है उसमे अगर आपको संदेह है और आप चेक करना चाहते है की वो घी नकली है या असली तो आप उस की तो एक बार गर्म करके और फिर जार में भरकर फ्रीज़ कर दीजिये। जमने के बाद उस घी में अलग अलग परत नजर आएगी। इसका मतलब होता है की घी में मिलावट है और अगर परत नहीं हो तो इसका मतलब है की घी में मिलावट नहीं है।

तो इस तरीके से आप असली और नकली घी की पाचन कर सकते है। वैसे आपको बाजार से घी खरीदते ही उसको एक बार टेस्ट जरूर करना चाहिए ताकि आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ ना हो। कौशिश करें की घी किसी जानकार के पास से ही खरीदें। उसमे मिलावट के चांस काम हो जाते है।

About Anita Yadav

Greetings to all farmer brothers. My name is Anita Yadav and I write articles related to Kisan Yojana for you on this website. I am a resident of village and associated with agriculture, so I have seen it very closely. We have to know very closely about the problems faced by the farmer brothers in agriculture. That's why I share the information related to agriculture with all of you. I hope that the information given by me will be of some use to all of you.

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