चने का समर्थन मूल्य घोषित, पंजीकरण करवाने वाले किसानो को होगा बम्पर फायदा

Written by Vinod Yadav

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जिन किसानो ने अब तक अपनी चने की फसल के लिए पंजीकरण नहीं करवाया है वो लोग इस बार नुकसान में रह सकते है। क्योकि सरकार की तरफ से चने का MSP घोषित कर दिया गया है। ओर ये MSP रेट सिर्फ उन्ही किसानो को मिलेगा जिन्होंने अपनी फसल का पंजीकरण करवाया है। इस समय मंडी में चने की आवक काफी कम है।

सरकार की तरफ से चने का समर्थन मूल्य 5335 रूपये प्रति किवंटल घोषित किया गया है। यदि किसान सरकारी खरीद पर चने की फसल न बेच कर बाहर बेचता है तो उसको 300 से 800 रूपये के बीच नुकसान हो रहा है। किसान यदि सरकारी खरीद पर चना बेचता है तो उसको काफी फायदा होने वाला है।

आने वाले दिनों में चने के भाव में तेजी देखने के लिए मिल सकती है। इसका कारन ये भी है की मंडी में चने की आवक काफी कम हो रही है। कागझर मंडी में आये किसान कामेश और प्रकाश ने बताया की किसानो चने की फसल नकद में बेचना पसंद है इसलिए जायदातर किसान पंजीकरण नहीं करवा रहे है वो 4 किवंटल चने की फसल मंडी में लेकर आये थे

उनको चना 4800 रूपये प्रति किवंटल का भाव मिला है लेकिन सरकारी पंजीकरण किये किसानो को सरकार की तरफ से समर्थन मूल के हिसाब से 5335 रूपये मिल रहा है जिन किसानो ने चने की फसल के लिए पंजीकरण नहीं करवाया है

उन लोगो को प्रति किवंटल के हिसाब से 300 रु से 700 रु तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। कृषि मंडी में व्यापारियों का कहना ये है की मार्किट में चने की मांग कम है इसलिए चना समर्थन मूल्य से कम दाम में बिक रहा है ऐसे में जिन किसानो ने पंजीकरण करवा रखा है उनके लिए चने का सही भाव मिलेगा

मंडी में चने का भाव

  • इंदौर मंडी – 4450 रु प्रति किवंटल
  • झांसी मंडी – 4590 रु प्रति किवंटल
  • बरेली मंडी – 5830 रु प्रति किवंटल
  • सहारनपुर मंडी – 5840 रु प्रति किवंटल
  • हरदा मंडी – 4410 रु प्रति किवंटल
  • नीमच मंडी देशी चना – 4680 रु प्रति किवंटल
  • उज्जैन मंडी – 4400 रु प्रति किवंटल
  • महाराष्ट्र मंडी – 4420 रु प्रति किवंटल
  • अलवर मंडी – 4340 रु प्रति किवंटल
  • कोटा मंडी – 4700 रु प्रति किवंटल
  • विदिशा मंडी –  4390 रु प्रति किवंटल
  • देवास मंडी – 4440 रु प्रति किवंटल
  • रतलाम मंडी देश चना – 4440 रु प्रति किवंटल
About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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