मध्य प्रदेश -: सरकारी खरीद केन्द्रों की सूची जारी, 25 मार्च से शुरू होगी सरसो , मसूर , चना की खरीद, जानिए क्या रहेगा समर्थन मूल्य

Written by Vinod Yadav

Published on:

मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा की 25 मार्च से राज्य में सरसो, चना, मसूर की फसल की सरकारी खरीद शुरू होने वाली है। और सरकारी खरीद 31 मई तक चलेगी। सरकार के द्वारा फसलों के MSP रेट और नियम जारी कर दिए गए है। उपार्जन प्रक्रिया में स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार ने किसानो से अपील की है की वो इसका लाभ जरूर ले

37 जिलों में होगी मसूर की सरकारी खरीद

हरदा , धार , नीमच , बैतूल , रतलाम, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, उज्जैन, भिंड, होशंगाबाद, शहडोल, शिवपुरी , उमरिया , छतरपुर, सीहोर, सिंगरोली, सीधी, आगर, मंदसौर, कटनी, अशोकनगर , शिवनी , अनूपपुर, शाजापुर, जबलपुर, मंडला, दमोह , पन्ना, रायसेन , दतिया, नर्सिंघ्पुर ,रीवा, सागर, विदिशा, डिंडोरी , सतना और राजगढ़ जिलों में मसूर की सरकारी खरीद शुरू की जायेगी। मसूर का समर्थन मूल्य 6000 रु प्रति किवंटल निर्धारित किया गया है।

सरसो के लिए सरकारी खरीद केंद्र

सरसो की सरकारी खरीद के लिए मध्य प्रदेश राज्य में 39 केंद्र सूची में शामिल है। इनमे हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, होशंगाबाद, सागर, रायसेन , उमरिया, उज्जैन, कटनी, शाजापुर, जबलपुर, सीधी, अनूपपुर,सिवनी, राजगढ़, विदिशा, शहडोल, अशोकनगर, सतना, पन्ना, गुना, अगर, सिंगरोली , रीवा, दतिया, मंडला, डिंडोरी, नीमच, छतरपुर, टीकमगढ़, बालाघाट, श्योपुरकला, मंदसौर, शिवपुरी, भिंड , मुरैना जिला शामिल है। सरसो की खरीद के लिए न्यूनतम मूल्य सरकार की तरफ से 5450 रु निर्धारित किया गया है।

उपार्जन के लिए जारी नियम

फसल के उपार्जन के लिए सरकार की तरफ से किसानो के लिए जो नियम निर्धारित किये गए है। वो निम्नलिखित है।

  • किसानो को फसल का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है इसके लिए किसान ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से फसल के लिए पंजीकरण करवा सकते है।
  • पंजीकरण में बैंक खाते की जानकारी , सम्रग आईडी की जानकारी , फ़ोन नंबर , जमीन की जानकारी देना अनिवार्य है।
  • यदि किसान ने पट्टे पर जमीन में फसल उत्पादन किया है तो पट्टे की अनुबंध कॉपी जमा करनी होगी

[feed url=”https://kisanyojana.org/” number=”15″]

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

Leave a Comment