पशु को खिलाएं ये हरी घास, बढ़ जाएगा दूध का उत्पादन

Written by Vinod Yadav

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गर्मियों के मौसम में दूध उत्पादन में कमी आ जाती है पशु के दूध देने की क्षमता कम हो जाती है बहुत से पशुपालक इससे चिंतित होते है और इसके कई कारण हो सकते है , उचित मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिलना, पानी की मात्रा, तापमान अन्य कारण हो सकते है

पशु के लिए दूध उत्पादन को बेहतर रखने के लिए हमें पशु की मौसम के हिसाब से देखभाल करने की जरुरत होती है पशुओ के आवास , साफ सफाई , चारा ये सभी चीजे पशु के दूध उत्पादन पर असर करते है गर्मी के मौसम में पशु को हरा चारा खिलाना अति आवश्यक है इसके जरिये दूध की मात्रा को कम होने से बचाया जा सकता है और हरे चारे में कई प्रकार के चारे आते है जो पशु के लिए गुणवर्धक होते है इसमें एक अजोला घास भी शामिल होती है जिसको पशु को खिलने से दूध में 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है

क्या होती है अजोला घास

अजोला घास जल की सतह पर होती है और गुच्छो के रूप में जल सतह पर फैलती है ये एक जल फर्न है और कम लागत में अच्छा पौष्टिक आहार पशु को मिल जाता है इसमें शुष्क भार के आधार पर 30 से 35 प्रतिशत तक प्रोटीन , 10 से 15 प्रतिशत तक खनिज और 7 से 10 प्रतिशत तक एमिनो पाए जाते है और इस घास की बढ़ने की क्षमता काफी अधिक होती है तेजी के साथ ये विकास करती है आठ से दस दिनों के अंदर ये तैयार हो जाती है देश में अजोला घास की दो किस्मे पिन्नाटा एवं एनाबियाना काफी अच्छी होती है गर्मी के मौसम में इनका उत्पादन काफी अच्छा होता है

अजोला घास किस प्रकार से ऊगा सकते है

अजोला घास पानी की सतह पर होती है तो इसके लिए आपको एक ऐसा स्थान चाहिए जहा पर पानी भरा रह सके इसके लिए आप किसी तालाब, गड्ढो, ड्रम में ऊगा सकते है यदि कृत्रिम रूप से अजोला का उत्पादन लेना है तो आप इसके लिए 15 से 20 सेमी के गहरे पानी का गड्ढा बना सकते है और इसकी लम्बाई और चौड़ाई 4 मीटर लंबा और 1.5 मीटर चौड़ा तथा 20 सेमी. गहरा रख सकते है

एक बात का ध्यान रखें की पानी भरने के बाद पानी इसमें से रिसे नहीं इसके लिए गड्डे में पॉलीथिन का उपयोग कर सकते है इससे तापमान भी नियंत्रित रहेगा फिर इसमें दस से 15 किलो मिटटी छान कर डाल दे फिर इसमें 5 किलोग्राम गोबर, 20 ग्राम अजोफर्ट या एसएसपी का 10 लीटर पानी में घोल बना कर गड्डे में डाले और पानी का स्तर 8 CM तक रखे अब इसमें आपको 1 से 2 किलोग्राम ताजा रोगमुक्त अजोला के बीज डालने है। 5 से 8 दिन में ही अजोला घास से गड्ढा भर जायेगा।

इस गड्डे से आपको रोजाना दो किलोग्राम तक अजोला घास की मात्रा मिल जाएगी अजोला घास को निकालने के बाद इसको पानी से धो लेना जरुरी है ताकि इसमें गोबर की गंध न रहे। इसमें रोजाना उत्पादन लेने के लिए आपको हर 7 दिन के अंतराल में 2 किलोग्राम गोबर, 25 ग्राम अजोफॉस, 20 ग्राम अजोफर्ट को 2 लीटर पानी में घोलकर गड्‌ढे मिलाना होता है जिससे अजोला घास का अच्छा उत्पादन मिलता है

अजोला घास के लिए सावधानिया

ajola ghas

अजोला घास के फायदे

अजोला घास एक पौष्टिक आहार है और पशु को हरे चारे के रूप में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है इसको भेड़, बकरी, गाय , मुर्गी, सूअर , भैंस को खिलाया जा सकता है और पशु भी इसको चाव से खाते है अजोला घास में पोटेशियम, आयरन, कॉपर, मैग्नेशियम जैसे खनिज लवणों की मात्रा भरपूर होती है इससे पशु में पौष्टिक तत्वों की कमी नहीं आती है , पशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है पशु जल्दी बीमार नहीं होंगे , अजोला हाई प्रोटीन ओर लो लिग्निन वाला आहार है जिसे पशु आसानी से पचा सकते हैं रोजाना अजोला खिलाने से पशु के दूध देने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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