किसान मेला समापन : इस किसान को मिला है मेले में 8 लाख का ट्रेक्टर

Written by Vinod Yadav

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रविवार को हरियाणा के चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में चल रहे किसान मेला का समापन हो चूका है। इस मेले में मुख्य अतिथि पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किसानो के लिए इनामी ड्रा निकाले , इस मेले में इनामी ड्रा में सबसे महंगा पुरुस्कार 55 HP का ट्रेक्टर था जिसकी कीमत 8 लाख रूपये थी। और ये इनाम हिसार के ढंढेरी गांव निवासी दिनेश को मिला है। इसके साथ ही अन्य गांव नियाना के जोगिन्दर को पावर वीडर , गांव डीग के अजित सिंह को सुपर सीडर और गांव हड़ोली फरीदाबाद के निवासी जोगीराम को छोटा ट्रेक्टर 20 HP का इनाम स्वरूप दिया गया है

अनुसूचित जाति के लिए सरकार ने दिया तोहफा

किसान मेले में उपस्तिथ सभी अनुसूचित जाति के किसानो के लिए मनोहर लाल खट्टर ने सब्सिड़ी का तोहफा दिया है। इन किसानो को 660 ट्रैक्टरो (50 करोड़ की कीमत ) पर 20 करोड़ रूपये का अनुदान दिया जायेगा। इन किसानो राज्य में चल रही एसबी-89 योजना के तहत ये छूट दी गई है। इस योजना के तहत यदि कोई अनुसूचित जाति के किसान 35 HP से ऊपर का ट्रेक्टर खरीदते है तो उस पर 3 लाख रु तक का अनुदान दिया जाता है

हर वर्ष ये मेला तीन दिन के लिए आयोजित होता है । इसमें देश विदेश के कृषि वैज्ञानिक और किसान आते है। इस मेले में किसानो को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाती है इसके साथ ही किसानो को फसलों में लगने वाले रोगो की जानकारी और समाधान के बारे में बताया जाता है। मिटटी की जाँच के बारे में भी किसानो को तकनिकी जानकारी इस मेले में दी जाती है

हरियाणा सरकार की तरफ से किसानो को प्रोत्साहित करने के लिए समय समय पर कृषि संबधित योजना को चलाया जाता है। और किसान मेले का आयोजन किया जाता है। और किसान सभाओ में किसानो को उनकी आय कैसे बढ़ाये इसके नए नए तरीके बताये जाते है। इसके साथ ही किसान कम लागत में अधीक पैदावार कैसे ले सकते है। इसकी तकनिकी जानकारी और खाद बीज और कीटनाशक की जानकारी इन सभाओ और मेले में दी जाती है।

इसके साथ ही सरकार की तरफ से फसलों के सही एक्सपोर्ट के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल भी बनाई है और सरकार की तरफ से आगामी समय में अगर्सेन एयरपोर्ट से एक कार्गो फ्लाइट भी शुरू की जाने वाली है जो विदेशो में हरियाणा की सब्जियों और फसलों के निर्यात के लिए काम आएगी।

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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