सरकार ने बढ़ाई मुवावजा राशि, अब प्रति हेक्टयेर मिलेगा 18000 हजार रूपये

Written by Vinod Yadav

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किसानो को प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान की मुवावजा राशि में मध्य प्रदेश राज्य की सरकार ने बढ़ोतरी कर दी है। जिसकी लिस्ट निचे दी गई है। इसमें किसानो की फसले , पशुपालन में बीमारी, बकरी पालन में बीमारी , पक्षी पालन में बीमारी, भूकंप में हुए नुकसान जैसी प्राकृतिक आपदा में होने वाले नुकसान शामिल है । पहले सरकार की तरफ से जो राशि दी जाती थी उसको कुछ प्रतिशत बढ़ाया गया है। जिससे किसानो को होने वाले नुकसान की भरपाई और आर्थिक मदद हो सकेगी।

ये मुवावजा मध्य प्रदेश राज्य में मंत्री परिषद् राजस्व परिपत्र 6 – 4 के तहत जारी किया जाता है। शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मुवावजे को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

भूकंप से हुए नुकसान के लिए मुवावजा राशि

भूकंप या फिर बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के कारन होने वाले नुकसान के लिए सरकार की तरफ से पहले 95000 रूपये की राशि दी जाती थी जिसको अब बढाकर मैदानी इलाको में एक लाख बीस हजार और पहाड़ी क्षेत्रों में इसको बढाकर एक लाख तीस हजार रूपये कर दिया गया है। इसमें नियम ये है की जहा पर प्राकृतिक 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है उनको ये मुवावजा राशि जारी की जाती है।

मछलीपालन में मुवावजा राशि

सरकार की तरफ से पहले प्राकृतिक कारणों से मछुआरों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए जो मुवावजा दिया जाता था उसमे बढ़ोतरी करते हुए नाव के क्षतिग्रस्त
होने पर 4 हजार की जगह 6 हजार , मछली पकड़ने के जाल के लिए 2 हजार की जगह 3 हजार, ज्यादा बारिश या बाढ़ की परिस्थिति में मछली पालन में होने वाले नुकसान के लिए अब 8 हजार की जगह 10 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर दिए जाते है।

पशुपालन में मुवावजा राशि

किसान वर्ग में पशुपालन काफी महत्वपूर्ण है। और सरकार की तरफ से किसानो को होने वाले नुकसान के लिए मुवावजा राशि दी जाती है। इसके लिए यदि किसी प्रकार की बीमारी या फिर प्राकृतिक आपदा से पशु को नुकसान होता है। या फिर पशु की मौत हो जाती है। तो भैस, गाय, ऊंटनी (दुधारू पशु ) के लिए पहले 30 हजार रूपये की मुवावजा राशि दी जाती थी जो अब बढाकर 37000 हजार 500 रूपये कर दी गई है। और अन्य पशुओ के लिए (जो श्रमिक कार्य के लिए है ) जैसे की घोडा , ऊंट, बैल के लिए पहले 25 हजार की धनराशि दी जाती थी अब उसको बढाकर 32000 हजार कर दिया गया है।

कृषि क्षेत्र में मुवावजा

प्राकृतिक रूप से खेतो में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किसानो को सरकार की तरफ से पहले 37500 रूपये दिए जाते थे जो की प्रति हेक्टयेर की दर से दिया जाता था। अब उसको बढाकर 47000 हजार रूपये प्रति हेक्टयेर कर दिया गया है। इसमें भूस्खलन, बाढ़, नदियों के रास्ता बदलने के कारण ख़राब हुए खेतो का मुवावजा शामिल है। किसान वर्ग को ये मुवावजा अपने खेतो को दोबारा से सही करने और मलबा हटाने के लिए दिया जाता है

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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