फसलों का ऑनलाइन कारोबार हुआ 80 हजार करोड़ के पार, जानिए E – NAM के बारे, जिसके माध्यम से किसान कमा रहे है अच्छा मुनाफा

Written by Vinod Yadav

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केंद्र सरकार की तरफ से साल 2016 में किसानो के लिए एक पोर्टल की शुरुआत की थी जिसका नामा रखा गया था E NAM। इस पोर्टल पर किसानो को ऑनलाइन फसल बेचने की सुविधा प्रदान की गई है वैसे तो इसका पूर्ण नाम राष्ट्रीय कृषि बाजार है इस पोर्टल पर व्यापारी और किसान दोनों शामिल होते है और पोर्टल के माध्यम से ही ऑनलाइन फसलों की खरीद और बिक्री की जाती है और जिन किसानो ने इसका इस्तेमाल किया है उनको काफी अच्छा मुनाफा भी मिला है इस पोर्टल पर किसानो को काफी सुविधा मिलती है इस पर फसल खेती सम्बंधित जानकारी भी किसानो को मिलती है ये एक ऑनलाइन वाणिजय मंच है यहाँ पर लगभग की लगभग 585 मंडियों के भाव व वहां पर उगाई व बेचीं जाने वाली फसलों का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध करवाया गया है

1.63 लाख व्यापारी है रजिस्टर्ड

केंद्र सरकार की तरफ से चलाये गए इस पोर्टल पर काफी अच्छा रुझान देखने के लिए मिला और इस पर 1.63 लाख व्यापारियों ने रजिस्ट्रेशन किया हुआ है और इसमें तक़रीबन एक हजार मंडिया जुडी है जहा से किसान सभी फसलों के भाव और अन्य जानकारी ले सकते है 2022-23 में इस पोर्टल पर कारोबार 80 हजार करोड़ रूपये से अधिक तक पहुंच चूका है वही पर केंद्र सरकार के अधिकारियो के मुताबिक दिन प्रतिदिन लोगो का E NAM के प्रति रुझान बढ़ रहा है

E NAM टर्नओवर

केंद्र सरकार की तरफ से बनाये गए इस पोर्टल पर किसान अपनी हर फसल की ऑनलाइन बिक्री कर सकते है और पोर्टल पर किसान के साथ व्यपारी वर्ग जुड़ा है साल 2023 की बात करे तो E NAM का बिज़नेस टर्नओवर करीब 56497 रु हो गया है वही पर पिछले साल इसका टर्नओवर 31366 करोड़ रूपये का रहा है इस पोर्टल पर किसानो को फसल मंडी भाव , फसल बिक्री के साथ फसलों की जानकारी और अन्य सुविधा का लाभ मिलता है

इन राज्यों में होता है E NAM पर सबसे अधिक कारोबार

बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छतीशगढ , झारखण्ड, केरल राजस्थान , यूपी में E NAM पर किसान अच्छा लाभ ले रहे है इन राज्यों से फल सब्जियों , सोयाबीन, जीरा और अन्य फसलों की बिक्री की जा रही है इसके साथ ही अन्य राज्यों में भी इस पोर्टल के माध्यम से अलग अलग उत्पाद की बिक्री की जा रही है

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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