डेयरी फार्मिंग के लिए सबसे अच्छी भैंस और गाय की नस्ले, दूध के उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ

Written by Vinod Yadav

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पशुपालन एक प्रॉफिटेबल बिज़नेस के रूप में देखा जाता है। सरकार और बैंक की तरफ से डेयरी फॉर्म के लिए सब्सिड़ी और लोन की सुविधा भी दी जाती है लेकिन यदि डेयरी फार्म में पशु अच्छे नहीं है तो आपको इसमें फायदा नहीं होने वाला है। क्योकि आज के टाइम में महंगाई इतनी अधिक हो गई है की बचत करना काफी मुश्किल हो चूका है। इसलिए आज डेयरी फार्मिंग करने वाले लोगो के लिए हम इस पोस्ट में उन पशुओ के बारे में बताने वाले है जो दूध उत्पादन में काफी अच्छे है और उनको डेयरी फार्म पर रखने से पशुपालको को काफी अधिक मुनाफा होगा

Table of Contents

भैंस की नस्ले

मुर्रा भैंस – इस नस्ल की भैंस सर्वोत्तम मानी जाती है। और दूध उत्पादन में ये भैंस सभी भैंस की नस्ल को पीछे छोड़ देती है। प्रतिदिन ये भैंस की नस्ल 30 लीटर तक दूध दे देती है। देश में इस भैंस की कीमत अन्य भैंसो की तुलना में काफी अधिक होती है। लेकिन इस भैंस के पालन में आपको अधिक मेहनत की जरुरत होती है तभी आप इससे अधिक दूध उत्पादन ले सकते है

जाफराबादी नस्ल – इस नस्ल की भैंस को डेयरी फार्मिंग में सबसे अधिक रखा जाता है। इसका कारण ये है की ये भैंस दूध के मामले और रोग प्रतिरोधक क्षमता के मामले में अन्य नस्लों से काफी अच्छी मानी जाती है। ये भैंस भी मुर्रा नस्ल की भैंस के सामान दूध उत्पादन क्षमता में बराबर मानी जाती है। एक ब्यांत में ये भैंस 3000 लीटर तक दूध दे सकती है। इनका शरीर काफी मजबूत होता है। इनका सिर बड़ा होता है और इनके सींग अर्ध कुंडली में होते है जो कानो के पास तक आते है और लम्बे होते है। ये गिर के जंगलो के क्षेत्रों में अधिक पाई जाती है। गुजरात में डेयरी पालक इन भैंसो को काफी अधिक संख्या में रखते है

मेहसाणा नस्ल – इस नस्ल की भैंस हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान के क्षेत्रों में काफी अधिक पाई जाती है। इनके दूध देने की क्षमता काफी अच्छी होती है। ये भैंस एक ब्यांत में 2000 लीटर तक दूध का उत्पादन कर सकती है। इन भैंस की कीमत एक लाख रूपये से ऊपर होती है। इनको हरा चारा काफी अधिक मात्रा में देना होता है जिससे इनका दूध उत्पादन बढ़ता है

पंढरपुरी नस्ल – इस नस्ल की भैंस महाराष्ट्र में पाई जाती है। इस भैंस को महाराष्ट्र के घरो और डेयरी फार्म में आप देख सकते है। इनके सींग अधिक बड़े होते है। और इनकी दूध देने की क्षमता प्रति ब्यांत 1500 से 2100 लीटर तक होता है। इनकी देखभाल के लिए अधिक मेहनत की जरुरत नहीं होती है

सुरति भैंस – ये गुजरात राज्य में पाई जाने वाली सबसे अच्छी भैंस की नस्ल मानी जाती है। इस नस्ल की भैंस के दूध देने की क्षमता काफी अधिक होती है और ये भैंस एक सीजन में करीब 1900 लीटर तक दूध देती है। और इसके दूध में वसा की मात्रा काफी अधिक होती है ये भैंस कम से कम एक लाख रूपये की कीमत की होती है।

गाय की नस्ले

साहीवाल नस्ल – इस नस्ल की गाय प्रति दिन के हिसाब से 20 लीटर तक दूध का उत्पादन करती है। और इसके दूध में काफी मात्रा में पौष्टिक तत्व पाए जाते है और फैट की मात्रा भी काफी अधिक होती है। ये भैंस पाकिस्तान और भारत में काफी मशहूर है

गिर नस्ल – दूध के मामले में इस गाय की नस्ल सबसे अधिक दूध देती है। इस नस्ल की गाय की मांग भारत के साथ विदेशो में भी काफी अधिक होती है। गुजरात राज्य के गिर के जंगलो के आस पास के क्षेत्रों में ये गाय अधिक मिलती है। और इसका नाम भी गिर के जंगलो के आधार पर ही पड़ा है। ये गाय प्रति ब्यांत 2600 लीटर तक दूध का उत्पादन करती है। ये भारत की सबसे दुधारू गाय की नस्ल है

थारपाकर नस्ल – ये नस्ल मुख्य रूप से राजस्थान के इलाको में पाई जाती है। इन गायो में गर्मी को सहने की क्षमता काफी अधिक होती है। और ये गाय प्रति ब्यांत 2000 लीटर तक दूध दे डटी है।

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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