गाय पालन व्यवसाय की सम्पूर्ण जानकारी : नस्ल ,आवास प्रबंधन और मुनाफा

Written by Saloni Yadav

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भारत प्राचीन काल से एक कृषि प्रधान देश रहा हैऔर देशी गाय का दूध A2 प्रकार का है मधुमेह से लड़ने में मदद करता है। डेरी फार्म व्यवसाय करना एक अच्छा माध्यम है। कृषि के अलाव गाय पालन किसानो के लिए एक अच्छा व्यवसाय है। क्योकि गाय न केवल दूध देती है ल बल्कि खेत के लिए गोबर की खाद देती है ,जिससे हम गाय पालन के साथ साथ खेती भी कर सकते है यह बिज़नेस आपको अच्छा मुनाफा दे सकता है

Cow Farming business : गाय पालन एक अच्छा व्यवसाय है ,यह व्यवसाय प्राचीन काल से चलता आ रहा है और कृषि कार्य में बेलो का अधिक महत्व होता है। गाय के दूध को बेच कर आप अच्छे पैसे कमा सकते है यह स्थिर व्यवसाय भी है।
अगर आप भी गाय पालन का प्लान बना रहे है तो हम आप को गाय पालन की सम्पर्ण जानकारी दे रहे है वैसे तो किसान पशुपालन कर सकते है परन्तु जब तक सम्पूर्ण जानकारी नहीं पता होती तो किसान अधिक मुनाफा नहीं कमा सकता है।

गाय पालन कैसे करे ?

गाय पालन व्यवसाय करने के लिए आपके पास गाय रखने के लिए जगह होनी चाहिए। जिसके लिए आप को गाय रखने की लिए फार्म बनाना पड़ेगा। आप 4 से 5 गायो को खरीद कर भी व्यवसाय शुरू कर सकते है यह पालन सरकार द्वारा चलाई गयी योजनाओ की मदद से या फिर अपने स्वयं के पेसो से भी शुरू कर सकते है
गाय पालन किसानो के लिए एक व्यवसाय है जिसमे अधिक सख्या में गाय होती है इसका मुख्य उदेश्य अपने आय स्तोत्र को बढ़ाना। गायो से हमे दूध के साथ साथ घी ,दही ,मिठाई और पनीर भी बनाकर प्राप्त होते है ,इन पदार्थो को हम दूध से अधिक दामों में बेच सकते है। इसके अलावा गाय के गोबर से गोबर गैस का इस्तेमाल किया जाता है।

गाय की नस्ल का चुनाव :

हम आप को बता दे की अगर आप भी गाय पालन व्यवसाय करना चाहते है तो आप ये सोच रहे होंगे की गाय की कोनसी नस्ल अधिक दूध देती है व् कोनसी अच्छी नस्ल है ,इसके बारे में आप को जानकारी नीचे दी गयी है

मालवी

इस नस्ल की गाय का रंग हल्का काला व् सफेद होता है,इसके सींग नुकीले होते है। मालवी गाय ग्वालियर क्षेत्र में अधिक पाई जाती है। यह गाय प्रतिदिन 2 से 3 लीटर दूध देती है। यह गाय कोमल स्वभाव की होती है ,किसी को नुकसान नहीं पहुँचती है।

थारपारकर

इस किस्म की गाय अधिक दूध देती है ,लगभग 10 से 12 लीटर। इसको अधिकतर दूध उत्पादन के लिए पाला जाता है। यह राजस्थान में जोधपुर,जैसलमेर ,और बीकानेर आदि जिलों में पाई जाती है

नागोरी

यह नस्ल राजस्थान के चूरू जिले में पाई जाती है ,इस नस्ल की गाय 5 लीटर दूध देती है इनके कंधो पर कोड बना होता है जो इनकी पहचान को दिखता है इनकी लम्बाई अधिक होती है।

हरियाणा

यह गाय अधिक दूध के लिए पाली जाती है यह लगभग 8 से 12 लीटर दूध देती है। इसका रंग सफेद होता है और सींग छोटे होते है। भारत में यह नस्ल पाचवे स्थान पर आती है जो गुड़गांव ,सिरसा और रोहतक में पाई जाती है

गावलाव

इसका रंग भी सफेद होता है।,इनके कान आगे के ओर झुके होते है ,थोड़ी सी आहट से ये नस्ल कान खड़े कर लेती है। ये गाय सतपुड़ा ,नागपुर के गावो में पाई जाती है। यह नस्ल 3 से 4 लीटर दूध देती है।

दज्जल नस्ल

इस नस्ल की गाय को भगनारी के नाम से भी जाना जाता है यह पंजाब के दरोगाजी खा जिले में पाई जाती है

दूधारू गाय की नस्ले

गिर

इस नस्ल की गाय प्रतिदिन 12 लीटर दूध देती है।,इसका रंग अधिकतर लाल होता है यह नस्ल राजस्थान ,गुजरात और महाराष्ट में पाई जाती है अधिकतर किसान इस नस्ल को पालता है

कांकरेज

इस नस्ल की गाय 100 लीटर दूध देती है। यह गाय अधिक ताकतवर होती है। इनके सींग की लम्बाई 12 से 18 इंच लम्बे होते है। यह नस्ल राजस्थान और गुजरात के दक्षिणी -पश्चिमी भागो में होती है

नीमड़ी

इस नस्ल की गाय का चेहरा अच्छा नहीं होता है ,जिस कारण से इनका मूल्य घट जाता है। यह प्रतिदिन 10 से 11 लीटर दूध देती है।

देवनी

यह नस्ल भारत के कुछ क्षेत्रों जैसे महाराष्ट के लाथूर जिले में पाई जाती है। और यह 9 से 12 लीटर दूध देती है।

सिंधी

यह नस्ल प्रतिदिन 12 से 15 लीटर दूध देती है। यह पंजाब के हरियाणा ,कर्नाटक ,तमिलनाडु और उड़ीसा में पाई जाती है।

भारत में देशी गाय की नस्ल 30 से अधिक पाई जाती है। इसके अलावा साहीवाल ,मराठी ,राठी आदि पाई जाती है।

गाय आवास प्रबंधन

गाय को रखने के लिए गोशाला को निर्माण आवश्यक होता है। गाय का आवास जितना साफ होगा तो गाय बीमार नहीं होगी और आराम से रहेगी। इसके अलावा आवश्यक बाते है जो इस प्रकार है –

  1. गाय का आवास शहर की निकट होना चाहिए क्योकि यातायात के साधन मिल जाये और दूध की बिक्री हो सके.
  2. जहां आवश्यक आहार आसानी से मिल सके।
  3. स्थान थोड़ा ऊचा होना चाहिए ताकि जलजमाव न हो सके।
  4. जहा धूप और वर्षा से बचने के लिया छाया हो।

गाय का आहार

गाय हरा चारा खाती है और इसके साथ ही जो ,मक्का ,बाजरा, खल और गेहू का दलिया इन सब को गाय अच्छे से खाती है। यह देने से गाय के दूध में बढ़ोतरी होती है। जिससे पशु स्वस्थ रहता है। पशु को आवश्यकतानुसार चारा डालना चाहिए।

गाय का दूध कैसे निकलना चाहिए?

सबसे पहले आप अपने हाथो को अच्छे से धो लेना है ,फिर आपको एक साफ बाल्टी लेनी है उसमे थोड़ा पानी लेना है जिससे आप को गाय के थनो को धोना है। फिर बाल्टी में दोनों हाथो से अगुठे के माध्यम से दबाना है जिससे आप आराम से दूध निकल सकते है।

गाय के दूध की बिक्री

जो पशु पालक होते है ,वे गाय का दूध दूधिये को देते है। डेयरी के माध्यम से अगर आप दूध बेचना चाहते है तो वर्तमान में एक लीटर दूध 35 से 45 रुपए लीटर है ,जिससे आपकी अच्छी कमाई हो सकते है।

गाय पालने के लाभ

हम आप को बता दे की गाय को पालना सबसे बड़ा धर्म माना जाता है हिन्दू धर्म ने गाय को पूजा जाता है। वैसे भी गाय से हमे अनेक चीजे प्राप्त होती है जिससे हमे अधिक लाभ होता है ,जो इस प्रकार है –

डेयरी उद्योग

अगर आप डेयरी का काम भी करते है तो इसमें अधिक लाभ होता है। इसके साथ दूध से पनीर ,दही ,घी और मावा बना सकते है।

गोबर गैस

यदि आप गाय को पालते है तो गाय के गोबर को फेकना नहीं चाहिए। गोबर से गैस बनती है। गोबर गैस प्लांट का निर्माण कर गोबर पानी को डालना चाहिए। जिसे एक गैस का निर्माण होता ही। जो बायोगैस होती है ,जिसे उपयोग खाद्य सामग्री बनाने में किया जाता है

गाय का गोबर

गाय को प्राचीन काल से पाला जा रहा है गाय के गोबर से घर की लिपाई की जाती है और उपले बनाये जाते है। इसके साथ ही गाय के मूत्र का प्रयोग घर की शुद्विकरण तथा पूजा पाठ में किया जाता है। और गाय के गोबर से किसान आपने खेत में खाद का छिड़काव करते है,जिससे फल की अच्छी पैदावार होती है।

गाय पालन में किन -किन बातो का ध्यान रखे ?

  • गाय पालन करते समय ध्यान रहे की साफ़ -सफाई होनी चाहिए ,ताकि गंदगी पैदा नहीं हो ,अगर गंदगी होगी तो पशू बीमार हो सकते है इसलिए साफ -सफाई रखे।
  • गाय का चारा समय से देना चाहिए।
  • गाय को नहलाना आवश्यक है।
  • गाय को चारे में मक्के के खल,और गेहू का दलिया देना आवश्यक हैगाय पालन में कितनी लागत आती है

गाय पालन में कितनी लागत आती है

हम आप को गाय पालन में लागत के बारे में जानकारी देंगे। अगर आप दूधरु पशू खरीदना चाहते है तो आप को 30 से 35 हजार तक मिल जाती है। उसकी चारदीवारी के लिए 20 से 25 हजार के लागत आती है उसके बाद आप उसके लिए पीने का पानी और पखे के व्यवस्था करते है तो 8 हजार तक का खर्च आता है और उसके खाने के लिए खल और गेहू का 2000 हजार रुपए आता है इस प्रकार आप को कम लागत लगानी पड़ती है

गाय पालन में कमाई होती है ?

अगर आप गाय पालन की कमाई की बात करे तो हम 4 से 5 लाख रुपए कमा सकते है।

गाय पालन योजना क्या है ?

हम आप को बता दे की अगर आप भी गाय पालन व्यवसाय शुरू करना चाहते है तो ऊके लिए सरकार (गाय पालन योजना 2023 ) के अनुसार लोगो को 8 लाख रुपए की राशि बैंक के माध्यम से मिलती है अगर आप भी ये लोन लेना चाहते है तो इस सुविधा का लाभ उठा सकते है।

 

 

 

 

 

 

 

About Saloni Yadav

I, Saloni Yadav, have been working as a writer for the last 1 year in the field of writing news related to schemes and business. I started with NFLSpice and now I am providing my services on NFLSpice's website KisanYojana. I have been fond of writing since childhood and my interest in the field of media from the very beginning motivated me further. I hope to keep you informed about the true and correct information in the future.

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