कॉटन की कीमतों में होगा भारी बदलाव, बेमौसम बारिश से कॉटन का उत्पादन घटने के आसार, क्वालिटी कण्ट्रोल आर्डर अगले महीने होंगे लागु

Written by Vinod Yadav

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देश में हो रही बेमौसम बारिश की वजह से इस बार कॉटन के उत्पादन पर असर हो सकता है। सरकार की नजर इस समय कॉटन की कीमतों पर बनी हुई है सरकार का पूरा फोकस है कि इनपुट और रॉ मैटेरियल की कमी नहीं हो. इसके साथ ही शॉर्ट टर्म उपायों पर प्लान तैयार किये जा रहे है है. लॉन्ग टर्म में हाई यील्ड वेरायटी के लिए जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट शुरू होने वाला है इसके साथ ही Polyester और कॉटन पर QCOs पर क्वालिटी कण्ट्रोल आर्डर अगले महीने से जारी होने वाले है इसके अलावा, Viscouse Staple फाइबर पर ड्यूटी हटाने संबंधी इंडस्ट्री से प्रेजेंटेशन मिला है

पीएम मित्र पार्क से टेक्सटाइल उद्योग में आएगी तेजी

तमिल नाडु , कर्णाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश राज्य में 7 MITRA पार्क खोले जाने की योजना है इसी हफ्ते दो पीएम मित्रा पार्क का उद्धघाटन होने जा रहा है पिछले हफ्ते केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया था कि प्रधानमंत्री मित्र योजना के तहत 4,445 करोड़ रुपये की लागत से मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे और इन पार्को के खुलने से इन राज्यों में करीब 20 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इन मेगा टेक्सटाइल पार्कों के अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए करीब 70,000 करोड़ रुपये का घरेलू और विदेशी निवेश होने का अनुमान है.

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70 हजार करोड़ से अधिक का निवेश होगा

PM MITRA टेक्सटाइल पार्क के लिए सरकार की तरफ से महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना राज्य में मंजूरी मिली है PM MITRA पार्को के लिए 70 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश का निवेश मिलने की उम्मीद है 1 लाख का डायरेक्टर इंप्लॉयमेंट और 2 लाख का इनडायरेक्ट इंप्लॉयमेंट आ सकता है इन पार्को का पूरा इन्फ्रास्ट्रक्चर केंद्र और राज्य सरकारों का SPV तैयार करके देगा देश का टेक्सटाइल उद्योग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगा. 4,445 करोड़ रुपये का निवेश होगा $100 बिलियन के एक्सपोर्ट टार्गेट को पूरा करने में मदद मिलेगी. ग्लोबल वैल्यू चेन में भारत की हिस्सेदारी बनेगी

बिगड़े मौसम से किसानो के हालत ख़राब

मौसम के ख़राब होने से देश में किसानो को काफी नुकसान हुआ है बागवानी फसलों के मामले में स्थानीय ओलावृष्टि से केले और आलू जैसी कुछ फसलों पर असर पड़ सकता है. पिछले दो दिन से देश के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल रही हैं.

गेहूं मुख्य रबी फसल है, जिसकी कटाई देश के कुछ हिस्सों में शुरू हो गई है. सरसों और चना अन्य प्रमुख रबी फसलें हैं. सरकार ने फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) के लिए रिकॉर्ड 11.22 करोड़ टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है. कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि राज्य सरकारें राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के तहत धन का उपयोग कर रही हैं. यदि राज्य सरकारें क्षति की सीमा का आकलन करने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करती हैं तो केंद्र सरकार राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) के तहत मुआवजा प्रदान करेगी.

 

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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