दुधारू पशु (भैंस, गाय) का दूध बढ़ाने का आसान तरीका, पूर्ण जानकारी ले

Written by Vinod Yadav

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कृषि और पशुपालन एक दूसरे के पूरक है। किसान प्राचीन काल से खेती के साथ पशुपालन करते आ रहे है और आज के समय में किसानो ने पशुपालन को कमाई का अच्छा जरिया बनाया है। लेकिन पशुपालन में कमाई के साथ कई प्रकार की समस्या भी आती है। इसमें सबसे बड़ी समस्या होती है की दुधारू पशु का दूध नहीं बढ़ता है इसके कई कारण हो सकते है।

इस पोस्ट कुछ घरेलु नुस्खों के बारे में जानेगे जिससे भैंस और गाय के दूध उत्पादन में बढ़ोतरी की जा सकती है। आज कल लोग पशुओ का दूध बढ़ाने के लिए इंजेक्शन का इस्तेमाल करते है जो की बिलकुल गलत है। इससे पशु का दूध तो बढ़ जाता है लेकिन इससे पशुओ की सेहत में काफी नुकसान होता है और इंजेक्शन का असर जो भी व्यक्ति उस पशु के दूध का सेवन करता है उसके शरीर पर भी होता है। लेकिन पशुओ का दूध आप प्राकृतिक तरीको से भी बढ़ा सकते है। जिससे किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है।

सरसो के तेल और आटे की औषधी

पशुपालक घर में ही सरसो के तेल और आटे से बनी औषधी से पशु का दूध बढ़ा सकते है। इसके लिए पहले 200 से 300 ग्राम सरसों का तेल, 250 ग्राम गेहूं का आटा लें। अब दोनों को आपस में अच्छे से मिलाकर शाम के समय पशु को चारा व पानी खिलाने के बाद दें, एक बात का ध्यान रखे की ये दवाई देने के बाद पानी नहीं देना है पशु को दो घंटे तक और दवाई को भी पानी के साथ नहीं देना है। नहीं तो पशु को खांसी हो सकती है।
ये घरेलु दवाई पशु को 7 से 8 आठ दिन तक खिलाये और इसके बाद बंद कर देनी है। और जो चारा और खल बिनौले पशु को दिए जा रहे थे उनको पहले की तरह ही नियमित रूप से देते रहे इससे दूध में आपको बढ़ोतरी देखने के लिए मिलेगी

दूध बढ़ने के लिए घरेलू औषधी

दुधारू पशु का दूध बढ़ाने के लिए आप ये घरेलू औषधी अपने घर पर ही बना सकते है। इसके लिए आपको कुछ देशी चीजे लाने की जरुरत होती है जो सस्ते दामों पर मिल जाती है मार्किट से आप ला सकते है। औषधी को बनाने के लिए आपको 250 ग्राम गेहूं का दलिया, 100 ग्राम गुड़ शर्बत, 50 ग्राम मैथी, 1 कच्चा नारियल, 25 ग्राम जीरा व 25 ग्राम अजवाईन की आवश्यकता होती है।

औषधी को बनाना और उपयोग करना

औषधी को बनाने के लिए सबसे पहले आपको गुड़, मेथी, दलिये को अच्छी तरह से पका लेना है। इसके बाद इसमें नारियल को बारीक़ पीस कर इसमें ऊपर से छिड़क दे। ये आपको औषधी तैयार हो जाती है।

  • पशु को ये औषधी दो महीने तक सुबह खाली पेट खिलानी है
  • गाय को ब्यांत से एक महीना पहले से इसकी खुराक देनी शुरू कर देनी चाहिए और ब्यांत के एक महीने बाद तक इसकी खुराक देनी चाहिए
  • 25 ग्राम अजवाइन व 25 ग्राम जीरा गाय के बच्चा देने के बाद केवल 3 दिन ही देना चाहिए। इससे आपको जल्द ही अच्छे परिणाम मिलने लगेंगे।
  • गाय के ब्यांत पूर्ण होने के बाद 21 दिन तक सामान्य चारा दें
  • गाय का बच्चा जब 3 महीने की आयु पूरा कर ले या जब गाय का दूध उत्पादन कम हो जाए तो उसे प्रति दिन 30
  • ग्राम जवस औषधी खिलाएं, इससे गाय के दूध का उत्पादन कम नहीं होगा।

दूध में वसा की मात्रा बढ़ाने के लिए क्या करे

  • पशु के दूध में वसा की मात्रा को बढ़ाने के लिए सबसे उपयुक्त है की आप पशु को चारे में 60 / 40 का अनुपात रखे। आपको 60 प्रतिशत हरा चारा और 40 प्रतिशत सूखा चारा और इसके साथ सरसो की खली यदि उपलब्ध हो तो देनी चाहिए
  • पशु के दूध उत्पादन में यदि कमी लग रही है तो उसके चारे में तारामीरा को शमिल करना चाहिए इससे दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी
  • जब पशु का दूध निकालने समय होता है उससे दो घंटे पहले तक पानी नहीं पिलाना चाहिए और पशु निकालने से पहले पशु को दूध पिलाना चाहिए इससे दूध में वसा की मात्रा अधिक होती है।
  • पशुओं को दूध उत्पादन के अनुसार फीड देना चाहिए। आवश्यकता से अधिक मात्रा में अनाज नहीं खिलाना चाहिए। चारे एवं फीड को अच्छी तरह मिलाने के बाद ही पशुओं को देना चाहिए।

वसा की मात्रा कम क्यों हो जाती है

पशुपालन में कई ऐसे कारण है जिससे पशु के दूध में वसा की मात्रा में कमी आ जाती है। इनको दूर करके आप पशुओ के दूध में वसा की मात्रा बढ़ा सकते है यदि पशुओं के फीड में चारे की अधिक मात्रा होती है तो दूध में फैट घट जाता हैइसके अलावा पशुओं के फीड में अधिक अनाज, चारे और एनिमल फीड को अच्छी तरह नहीं मिलाना, पशु आहार में अचानक बदलाव करना, चारे का आकार छोटा होना आदि प्रमुख कारण है जो दूध में वसा को घटाते हैं। अगर आपका पशु का गोबर पतला होता है और पशु कम जुगाली करता है। मुंह से अधिक लार निकलती है तो आपको समझ जाना चाहिए कि पशु के दूध में वसा कम हो रहा है।

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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