गन्ना किसानो के लिए अच्छी खबर , गन्ने की तीन नई किस्म विकसित, होगा बम्पर उत्पादन

Written by Vinod Yadav

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देश में गन्ना उत्पादक किसानो के लिए अच्छी खबर है गन्ना शोध संसथान की तरफ से गन्ने की तीन नई किस्मो का विकास किया गया है जो बम्पर उत्पादन देने में सक्षम है भारत के गन्ने की मांग विदेशो तक है गन्ना शोध अनुसन्धान संसथान की तरफ से अच्छी गुणवत्ता के गन्ने की किस्मे तैयार करने की कोशिश हमेशा रहती है अब गन्ने की तीन नई किस्मो को तैयार किया गया है जो की प्राकृतिक तौर पर होने वाली आपदाओं के प्रति सहनशील है और इससे उत्पादन भी अच्छा होगा। किसानो को अच्छा लाभ मिलने वाला है

कालिख 11206 किस्म

गन्ना शोध संस्थान की तरफ से काफी मेहनत के बाद ये किस्म विकसित की गई है इसमें सर्करा की मात्रा 17.65 प्रतिशत और पोल प्रतिशत केन की मात्रा 13.42 प्रतिशत तक है इस किस्म के गन्ने की मोटाई अधिक होती है और लम्बाई थोड़ी कम होती है हरियाणा, पंजाब और उत्तराखण्ड राज्य इस किस्म के लिए उपयुक्त है मौसम के प्रति अच्छी सहनशीलता और प्रति हेक्टेयर 91.5 टन तक की पैदावार क्षमता होती है इस किस्म में , इसके साथ ही लाल सड़न रोग के प्रति ये किस्म प्रतिरोधक होती है

कोलख 09204 किस्म

गन्ने की इस किस्म में शुगर की मात्रा 17 प्रतिशत और पोल केन की मात्रा 13.22 प्रतिशत होती है। ये किस्म उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब राज्य के लिए उपयुक्त है। इसकी मोटाई थोड़ी कम होती है और प्रति हेक्टेयर इसकी उत्पादन क्षमता 82.8 टन तक होती है

कोलख 14201 किस्म

उत्तर प्रदेश राज्य के किसान इस किस्म की बुआई कर सकते है इस किस्म में गन्ने का रंग पीला होता है और इसकी औसत पैदावार प्रति हेक्टेयर 95 टन तक की होती है इस किस्म में शुगर की मात्रा 18.60 प्रतिशत और पोल केन प्रतिशत 14.55 तक होती है इससे अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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