गावं में बकरी पालन कैसे करें – कितनी लागत आयेगी और बचत कितनी होगी

Written by Vinod Yadav

Updated on:

Bakri Palan Kaise Karen: भारत के गावं अब तरक्की कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए नए अवसर पैदा हो रहे है। और सरकार भी नई नई योजनाएं लेकर आ रही है ताकि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो सके। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन का स्वरोजगार एक बहुत ही अच्छा विकल्प बनकर सामने आ रहा है। बकरी पालन के व्यवसाय का चलन भी गावों में अब बढ़ने लगा है और बकरी पालन में मुनाफा भी अधिक हो रहा है।

ऐसे में आपको आज इस आर्टिकल में हम बताएँगे की गावों में बकरी पालन कैसे करें और बकरी पालन में कितना मुनाफा होने की संभावनाएं है और कैसे क्या क्या करना होता है। बकरी कई सबसे बेस्ट नस्ल काईन कौन सी है। बकरी पालन में रखरखाव और चारे आदि की व्यवस्था। सब कुछ जानेंगे इस आर्टकिले में। बस आप आखिरी तक बने रहिये हमारे साथ।

गावं में बकरी पालन कैसे करें – Bakri Palan Kaise Karen

बकरी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमे किसी खास तरह की पात्रता की जरुरत नहीं होती है। गावं में अपने किसान भाई जो पशुपालन का कार्य करते है वे आसानी से इस व्यवसाय को भी कर सकते है। इसके आलावा गावं के बेरोजगार युवाओं के लिए भी बकरी पालन करना एक अच्छी शुरुआत हो सकती है।

इस व्यवसाय से अब ग्रामीण क्षेत्रों में में भी काफी रोजगार के अवसर पैदा हो रहे है। इस व्यवसाय को करने के लिए बस तोड़ी बहुत जानकारी की आवश्यकता होती है जो हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे। गावं में अगर आप बकरी पालन करना चाहते है तो सबसे पहले आपको दो चीजों पर अपना ध्यान केंद्रित करना है। जिनमे एक तो जानकारी जुटाना और दूसरा बकरी पालन करने के लिए वित्तीय बजट बनाना। वित्तीय बजट को आप इस बात से निर्धारित कर सकते है की आप कितने बड़े पैमाने पर इस कार्य को शुरू में करना चाहते है।

बकरी पालन करने में कितना खर्चा आता है – Bakri Palan Me Kitna Kharcha Aata Hai

जैसा की हमें आपको ऊपर बताया है की बकरी पालन करने के लिए आपको वित्तीय कोष की जरुरत पड़ेगी। आपको बता दें की बकरी पालन करने में ज्यादा खर्चा नहीं आता है। फिर भी आप इसकी शुरुआत छोटे सत्तर पर कर सकते है। इसमें आपको ज्यादा पैसा लगाने की भी जरुरत नहीं पड़ेगी।

Bakri Palan करने के ;लिए बकरी खरीदने पर आपको एक बकरी के लिए 5 से 6 हजार रुपये चुकाने होंगे। इस हिसाब से अगर आप 10 बकरियों के साथ अपना Bakri Palan का व्यवसाय शुरू करना चाहते हो तो आपको लगभग 50 से 60 हजार रुपये तो बकरी खरीदने के लिए चुकाने होंगे। इसके अलावा आपको बकरी पालन के लीये एक सेड का निर्माण करवाना होगा। और बकरियों के चारे और पानी की व्यवस्था करनी होगी। इसमें लगभग 50 से 60 हजार के लगभग और आपका खर्चा हो जायेगा। कुल मिलकर 1 लाख में आप 10 बकरियों के साथ अपना Bakri Palan Business आसानी से शुरू कर सकते हो।

बकरी पालन की एक बात सबसे फायदेमंद रहती है। अगर आप 10 बकरियों के साथ अपना बकरी पालन का व्यवसाय शुरू करते हो तो आपको 2 साल में ही इनसे 100 के लगभग बकरियां हो जाएँगी। इसके अलावा अगर आपके पास बजट नहीं है तो सरकार की तरफ से भी बकरी पालन के लिए ऋण दिया जाता है। आप Bakri Palan Loan Yojana के तहत ऋण लेकर भी अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हो।

बकरी पालन के लिए जगह का चुनाव कैसे करें – Bakri Palan Ke Liye Jagah

Bakri Palan के लिए जब आपको जगह के चुनाव की बारी आती है तो आपको एक ऊँची जगह का चुनाव करना चाहिए। क्योंकि जो भी करियों के मूत्र आदि है वो बहार निकल जाये। साथ में किसी भी प्रकार के पानी का जमावड़ा वहां नहीं होगा। Bakri Palan की जगह आपको ऐसे स्थान पर निर्धारित करनी है जो रोड कनेक्टिविटी से ना ज्यादा दूर हो और ना ज्यादा पास हो। इसके अलावा आपको पानी की भी व्यवस्था के हिसाब से भी जगह चुनते समय ध्यान देना होगा।

बकरी पालन सेड का निर्माण कैसे करें – Bakri Palan Ke Liye Shed Kaise Banaye

आपने Bakri Palan में होने वाले खर्चे के बारे में तो जान लिया है। उससे आपको एक अंदाजा तो लग ही गया होगा। अब बकरी पालन के लिए सेड का निर्माण करवाना है। आपका Bakri Palan का व्यवसाय अगर 10 बकरियों से शुरू होना है तो आप लगभग 200 से 250 वर्ग गज में अपने सेड का निर्माण करवाएं। इस शादी में आपको उम्र के हिसाब से अलग अलग पोर्सन भी नानने होंगे। जैसे 2 से 3 महीने के बच्चों के लिए अलग से जगह होनी चाहिए। इसके अलावा 6 से 8 महीने के बच्चों के लिए अलग जगह होनी चाहिए।

एक बार सेड तैयार होने के बाद इस सेड के अंदर आप लकड़ियों के द्वारा अलग अलग भागों का निर्माण करवा सकते है जिनमे अलग अलग उम्र के बकरी के बच्चों को रखा जाना है। सेड में आपको रोशनी और हवा पर बी ध्यान देना होगा। सेड निर्माण के समय आप छत में सेड के बेच में एक टिन शेड पारदर्शी जरूर लगवाएं जिससे अंदर भरपूर रोशनी रहेगी। इसके अलावा सेड में हवा के फ्लो को भी बनाकर रखना होगा ताकि सेड के अंदर का वातावरण ताजा रहे।

बकरी पालन के लिए बकरी की नस्ल का चुनाव – Bakri Ki Nasal Ka Chunav Kaise Karen

आपकी सेड तैयार होने के बाद अब बरी आती है की बकरियों की नस्ल का चुनाव कैसे करें तो चलिए जानते है इसके बारे में। बकरी पालन में कौन कौन सी नस्ल की बकरियों होती है और बकरी की नस्ल का चुना कैसे करें।

बकरी पालन के लिए बकरी की प्रजातियों के नाम इस प्रकार से हैं – Bakri Ki Parjatiyon Ke Naam

  • चांगथांगी नस्ल की बकरी
  • चिगू नस्ल की बकरी
  • सिरोही नस्ल की बकरी
  • सुरति नस्ल की बकरी
  • मालाबारी नस्ल की बकरी
  • गददी नस्ल की बकरी
  • मारवाड़ी नस्ल की बकरी
  • जखराना नस्ल की बकरी
  • बीटल नस्ल की बकरी
  • जमुनापारी नस्ल की बकरी
  • मेहसाणा नस्ल की बकरी
  • संगमनेरी नस्ल की बकरी
  • उस्मानाबादी नस्ल की बकरी
  • ब्लैक बंगाल नस्ल की बकरी
  • आसाम हिल्स नस्ल की बकरी

ये किसान भाइयों ये तो भारत में पाई जाने वाली बकरियों की प्रमुख नस्ले है। अब आपको अपने बकरी पालन के व्यवसाय के लिए बकरी की नस्ल का चुना इन्ही नस्लों में से करना है। जब आप बकरी की नस्ल का चुनाव कर रहे है तो आपको अपने क्षेत्र की जलवायु को ध्यान में रखकर ही इनका चुनाव करना है। इससे बकरी को वहां रहने में परेशानी नहीं होगी और अपने आप को एडजस्ट कर पायेगी।

बकरी पालन में बकरी का वजन कैसे बढ़ायें – Bakri Ka Vajan Kaise Badhayen

अगर आप Bakri Palan कर रहे है तो आपको मुनाफा तभी ज्यादा होगा जब आपकी बकरियों का वजन अधिक होगा। मार्किट में आपको बकरियों को बेचते समय वजन के आधार पर पेमेंट होगी। तो आपकी बकरियों का जिंटा अधिक वजन होगा आपको मुनाफा भी उतना ही अधिक होगा।

बकरी पालन के लिए चारे की व्यवस्था – Goat Farming Feed Management

जब आप अपना Bakri Palan का व्यवसाय शुरू करेंगे तो आपको इसके लिए चारे का भी प्रबंध करना होगा। बकरियों के लिए सबसे अच्छा भोजन गेहूं का भूसा या फिर मुगफली का भूसा माना जाता है। इसमें आप चारे को हल्का गिला करके इसके साथ थोड़ा सा आटा मिला दीजिये। इसके अलावा आपको सरसों और चने के भूसे को भी बकरियों के चारे के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए।

सुबह शाम अगर पॉसिबल हो तो बकरियों को एक बार किसी खुले पहाड़ या फिर मैदान में जरूर लेकर जाएँ ताकि वहां पर बकरिया हरी घास खाकर अपना पेट भर सके। ऐसा करने से उनके स्वस्थ पर भी अनुकूल असर रहेगा और वे स्वच्छ रहेंगी। बकरियों को पेड़ों के पत्ते खाने में बड़ा आनंद आटा है इसलिए हो सके तो उनके लिए पेड़ों के पत्तों का प्रबंध जरूर करें। गावं देहात में ये आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

बकरियों के लिए आप जीना बेहतरीन तरीके से खाने का प्रबंध करेंगे उतना ही बकरी अपने आप को माहौल में ढाल पायेगी और उसका वजन भी पढ़ेगा। इससे आपका ही फायदा होने वाला है।

बकरी पालन के लिए प्रशिक्षण कहाँ से लें – Bakri Palan Ke Liye Traning

अगर आप बकरी पालन का व्यवसाय करना चाहते है और आपको लगता है की पहले इसके बारे में प्रशिक्षण कर लिया जाये तो इसके भी ऑप्शन भारत में उपलब्ध है। बकरी पालन प्रशिक्षण के दौरान आपको सभी जानकारियां प्रदान की जायेंगे। उत्तरप्रदेश के मथुरा में बकरी अनुसंधान संस्थान है जहाँ से आप इसका प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग कृषि मंत्रालय भारत सरकार इस बकरी अनुसंधान संस्थान को संचालित करता है। इसमें बेरोजगार युवाओं को बकरी पालन करने का परशहीक्षण दिया जाता है। यहाँ पर देश भर से बकरी पालन सीखने के लिए बेरोजगार आते रहते हैं। अगर आप इस संस्थान से बकरी पालन के बारे में अधिक जानकारी लेना चाहते है तो आप निचे दिए माध्यम से सम्पर्क कर सकते हैं।

  • आधिकारिक वेबसाइट : cirg.res.in
  • हेल्प लाइन नंबर: 0565-2763320
  • पता: केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मखदूम पोस्ट – फरह, 281122 जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश)

बकरी पालन करने के लाभ – Bakri Palan Ke Labh

बकरी पालन करने के अनेक लाभ है। बकरी पालन करके आप अपना व्यवसाय शुरू कर सकते है जिसके जरिये आप अपनी कमाई का दायरा बढ़ा सकते हो। बकरी पालन का चलन आजकल बढ़ गया है। बहुत से किसानो ने परम्परागत खेती की जगह बकरी पालन को प्राथमिकता देनी शरू कर दी है। बकरी पालन करने के निम्लिखित फायदे है जिनके बारे में आपको मालूम होना चाहिए।

कम जगह घेरना: दूसरे पशु जैसे गाय भैंस आदि का व्यवसाय करने के मुआबले बकरी पालन करने में कम जगह की जरुरत होती है। बकरी पालन में आप थोड़ी सी जगह में भी आसानी से इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हो।

संख्या में बढ़ौतरी: जहां गाय और भैंस साल में केवल एक बार ही ब्याते है वहीं बकरी 2 बार। इस तरफ से बकरी पालन में इनकी संख्या भी बहुत जल्दी बढ़ती है। साथ में बकरी एक बार में कई बच्चों को जन्म देती है।

बीमारी का खतरा काम: बकरियों में बीमारी का खतरा बहुत काम होता है इस कारण से इसकी बकरी की बिक्री में काफी भी कोई फर्क नहीं पड़ता। जिस प्रकार से मुर्गों में बीमारी आने से मार्किट में बिक्री पर असर होता है। ये बकरी पालन के मामले में नहीं होता।

बकरी का दूध महंगा बिकता है: जैसा की किसान भाई जानते ही होंगे की बकरी का दूध बहुत ही माँगा बिकता है। इसका कारण ये है की इस दूध को दवाइयों में प्रयोग किया जाता है। और वैसे भी बकरी का दूध अपने आप में भी किसी दवाई से काम नहीं है। शरीर में प्लेट्स काम होने पर बकरी का दूध तुरंत लाभ पहुंचता है।

बकरी के मांस में ज्यादा मुनाफा: जिस तरफ से बकरी का दूध काफी महंगा बिकता है ठीक उसी प्रकार बकरी का मांस भी मार्किट में मुर्गे के मुकाबले काफी महंगा होता है। इसलिए बकरी पालन से किसान को ज्यादा मुनाफा होता है।

कोई भी कर सकता है बकरी पालन: बकरी पालन का सबसे अच्छा पहलु ये है की इसको कोई भी कर सकता है। चाहे वो पढ़ा लिखा हो या फिर अनपढ़, बस थोड़ी सी जानकारी होने पर ही वो इस बकरी पालन व्यवसाय को शुरू कर सकता है।

मुनाफा ज्यादा – खर्चा कम: बिलकुल सही बात है। बकरी पालन में खर्चा बहुत कम होता है और मुनाफा इससे कई गुना अधिक होता ह। बकरी बा तो चारा अधिक कहती है। ना ही बकरी को रहने के लिए अधिक स्पेस की जरुरत होती है।

संख्या में तुरंत बढ़ौतरी: बकरी पालन अगर आप 10 बकरियों से शुरू करते हो तो ये आंकड़ा एक दो साल में ही 100 के करीब पहुँच जाता है। ये सब आपका शुद्ध मुनाफा होता है। क्योंकि एक बकरी 2 साल में करीब 5 से 6 बच्चे देती है और इसलिए इनकी संख्या में बहुत जल्द ही इजाफा होता चला जाता है।

तो किसान भाइयों ये थे बकरीपालन करने के कुछ सीधे तौर पर होने वाले फायदे। इसके अलावा भी बकरी पालन से बहुत सारे फायदे और भी है। हकीकत तो ये है की बकरी पालन में कभी भी घाटा नहीं होता और सीधे तौर पर शुद्ध मुनाफा ही होता है। अगर आपके पास गुंजाइस नहीं है तो आप इसे केवल 2 या 4 बकरियों से भी शुरू कर सकते हो।

Bakri Palan Kaise Karen FAQ

सवाल: गांव में बकरी पालन कैसे करें?
जवाब: गावं में बकरी पालन करना बहुत ही आसान होता है। गावं के लोगों को पहले से ही पशुपालन का ज्ञान होता है और साथ में गावं में चारे की भी कमी नहीं होती इसलिए गावं में बकरी पालन करना बहुत आसान है। आप शुरुआत कीजिये।

सवाल: 1 बकरी से कितनी कमाई होती है?
जवाब: एक बकरी से आपको कितनी कमाई होगी इसका अंदाजा भी आपको नहीं होगा। क्योंकि एक बकरी से साल में 4 से 5 बकरी हो जाएगी और फिर उसके अगले साल उससे डबल। ऐसे करके एक बकरी ही आपको इतना कमा कर देगी जो आप सोच भी नहीं सकते।

सवाल: 10 बकरी पर कितना लोन मिलेगा?
जवाब: 10 बकरी पर बैंक से 50 हजार का ऋण मिलेगा क्योंकि एक बकरी पर 5000 का ऋण मिलता है।

सवाल: बकरी पालने के लिए कितने साल का होना चाहिए?
जवाब: इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की आप कितने साल के हैं। बस आप बकरियों के व्यवसाय को किसी भी उम्र में कर सकते है।

सवाल: मुझे कितनी बकरियों से शुरुआत करनी चाहिए?
जवाब: ये निर्भर करता है आपके बजट पर। अगर आपका बजट ज्यादा है तो आप ज्यादा बकरियों से शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन अगर आपका बजट कम है तो फिर आपको कम बकरियों से शुरुआत करनी चाहिए। लेकिन बकरी पालनमे आपको मुनाफा ही होगा घाटा नहीं। इसलिए अपने बजट के अनुसार आप शुरुआत कर सकते हैं।

सवाल: 10 बकरी पालने में कितना खर्चा आएगा?
जवाब: 10 बकरियों से शुरुआत करने के लिए आपको लगभग 1 लाख रूपए की जरुरत पड़ेगी।

सवाल: क्या मैं अपने पिछवाड़े में बकरी पाल सकता हूं?
जवाब: जी हाँ बिलकुल पाल सकते हैं। आपकी अपनी मर्जी के मालिक है और आप जहां चाहें वहां बकरियों का पालन कर सकते है।

सवाल: 100 बकरी पालन के लिए कितनी जगह चाहिए?
जवाब: 100 बकरी पलने के लिए आपको लगभग 600 से 800 स्क्वायर फुट की जगह की जरुरत होगी। इसमें आप अलग अलग पोरशन बनाकर बच्चों और बड़ी बकरियों को विभाजित कर सकते है।

सवाल: मैं 5 एकड़ में कितनी बकरियां पाल सकता हूं?
जवाब: 5 अकड़ में आप लगभग 1000 बकरी पालन का व्यवसाय कर सकते हैं।

सवाल: बकरियों को पालने में अच्छा पैसा है?
जवाब: जी हां, बिलकुल बकरी पालन में बहुत ही अधिक मुनाफा होता है। बकरी पालन में खर्चा अधिक नही होता।

सवाल: बकरी कितने दिन में तैयार हो जाती है?
जवाब: एक बकरी को तैयार होनेमे लगभग 8 से 10 महीने का समय लग जाता है। इतने समय में बकरी का वजह बेचने लायक हो जाता है। आप चाहें तो उसे और अधिक समय तक ना बेचकर उसके वजन को और बढ़ा सकते हैं।

सवाल: एक बकरी कितने बच्चे दे सकती है?
जवाब: एक बकरी जब ब्याती है तो 3 से 5 तक बच्चे पैदा कर देती है। इसका सीधा सीधा फायदा ही होता है क्योंकि आपकी बकरियों की तादात जल्दी जल्दी बढ़ने में मदद मिलती है। इससे आपका मुनाफा भी बढ़ता है।

सवाल: बकरी का दूध इतना महंगा क्यों है?
जवाब: क्योंकि बकरी का दूध बहुत पौष्टिक होता है। बकरी का दूध बहुत सी दवाओं में काम लिया जाता है। इसके अलावा बच्चों को बकरी का दूध पिलने से उनका विष बहुत तेजी से होता है।

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

Leave a Comment