Fish Farming: मछली पालन कैसे करें – मछली पालन करने की पूरी जानकारी , प्रक्रिया, प्रशिक्षण, लाभ

Written by Vinod Yadav

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Fish Farming: हमारे देश के बहुत से लोग मछली पालन करके अपना गुजारा करते हैं। एवं कुछ लोग तो मछली पालन का बहुत बड़ा बिजनेस भी करते हैं,जिनसे उनको रोज अच्छी खासी इनकम भी मिल जाती है। आज के इस आर्टिकल में हम मछली पालन कैसे करें?, मछली पालन के लाभ क्या है?, तालाब कैसे बनाएं व तालाब में कितना पानी रखें, भोजन कितना डालें एवं मछली पालन से संबंधित सभी बिंदुओं के बारे में विस्तार से जानेंगे।

तो चलिए शुरू करते हैं।

मछली पालन क्या है?, Machhali Palan Kya Hai?

जिस प्रकार से किसान खेती करते हैं, या पशु पालन करते हैं। उसी प्रकार से यह भी एक खेती हैं, जिसमें मछलियों को पाला जाता है। इसे तालाब में पानी भरकर एवं अपने आसपास के तालाब को स्वच्छ करके उसमें आसानी से machhali palan किया जा सकता है। पशुपालन में, मछली पालन को रीड की हड्डी माना जाता है, क्योंकि मछली पालन (Fish Farming) में कम जगह, कम समय एवं कम पूंजी होती है। और यह सोचने में तो बहुत ही मुश्किल एवं बडा व्यवसाय लगता है।। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। इस व्यवसाय के अंदर जोखिम भी कम है। अगर किसानों के लिए कृषि से अलग और अच्छा व्यवसाय कोई हो सकता है, तो वह fishing business है।

मछली पालन के लिए तालाब का निर्माण – Machli palan Ke Liye Talab Ka Nirman

Machhali palan करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम तालाब का निर्माण करना है। इस तालाब का निर्माण करते समय हमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  1. तालाब बनाने के लिए ऐसी जगह होनी चाहिए जहां पर बिल्कुल ढलान हो एवं बाढ़ आने की संभावना ना हो।
  2. इसके साथ ही वहां की एवं आसपास की वायुमंडल प्रदूषित ना हो।
  3. मछली पालन (Fish Farming) के लिए तालाब का निर्माण आपको अप्रैल के महीने में शुरू कर देनी चाहिए
  4. इसके अंदर आप अपने हिसाब से छोटा तालाब या बड़ा तालाब खुदवा सकते हो।
  5. तालाब की खुदाई हो जाने के बाद उसे तब तक सूखा रहने देना चाहिए,जब तक नीचे की जमीन में दरारे नहीं आ जाए।
  6. सुखा देने के बाद तालाब में आपको पशुओं का गोबर एवं उसके साथ ही आवश्यकता अनुसार चुना भी डाल देना चाहिए।
  7. यह सब चीजें डाल देने के बाद आपको उसकी गहरी जुताई करवा देनी है।
  8. जुताई करवा देने के बाद उसमें पानी भर देना है।
  9. आप जहां पर भी तालाब बनाएं वहां पर पास में ही पानी का कोई स्त्रोत भी होना जरूरी है। जिससे आप समय आने पर तालाब में पानी भर सकें।
  10. तालाब के अंदर केकड़े,मेंढक एवं किसी भी प्रकार के कोई कीट पतंगे ना हो।
  11. साथ ही सभी जलीय पौधों को हटा देना चाहिए।
  12. तालाब के अंदर की मिट्टी दोमट मिट्टी होनी चाहिए।
  13. तालाब में पानी की गहराई लगभग 5 से 6 फुट तक होनी चाहिए।
  14. तालाब के अंदर जलीय पौधे एवं खरपतवार हैं तो उनको हटा देना चाहिए, क्योंकि यह जलीय पौधे और खरपतवार तालाब की मिट्टी के पोषक तत्वों को कम कर देते हैं।

तालाब में पानी की मात्रा का ध्यान रखें – Machli palan Me Talab Me Kitna Pani Rakhen

मछली पालन (Fish Farming) करने के लिए तालाब में कम से कम 3 फीट पानी और ज्यादा से ज्यादा 5 फीट पानी होना आवश्यक है। अगर आप भी मछली पालन का काम शुरू कर रहे हैं तो तालाब एक जल स्त्रोत के पास में होना चाहिए ताकि उसमें किसी भी समय पानी की जरूरत पड़े तो आप जल स्त्रोत से पानी प्राप्त कर सके।

मछली पालन के क्या फायदे हैं – Machli palan Karne Ke Fayde

  1. Machhali Palan छोटे किसान भी कर सकते हैं एवं मछली पालन के लिए अधिक जगह की आवश्यकता नहीं पड़ती।
  2. मछलियां बहुत ही कम समय में बड़ी हो जाती है, जिससे उन्हें जल्दी ही बेचा जा सकता है।
  3. मछली पालन को खेतों में भी छोटा तालाब बनाकर आसानी से किया जा सकता है।
  4. मछली पालन के साथ ही पशुपालन, मुर्गी पालन एवं कृषि कार्य भी किया जा सकता है।
  5. अगर आप 1 एकड़ के तालाब में मछली पालन (Fish Farming) करते हो तो आप प्रत्येक वर्ष में ₹500000 तक की कमाई कर सकते हो।

मछली पालन (Fish Farming) के लिए मछलियों के बीज – Machli palan ke liye beej

सामान्य रूप से मानकर चलें तो सभी मछलियां जुलाई अगस्त के महीने में अंडे देती हैं। कुछ मछलिया तो ऐसी है, जो साल में 3 बार प्रजनन करती है। जीरा, अंगुलीकाए एवं फ्राई इत्यादि प्रकार की मछलियां होती है,जिनमें से हम किसी भी मछली की प्रजाति का उपयोग मछली पालन के लिए कर सकते है। यह बीज दिल्ली, हरिद्वार व आगरा जैसे राज्यों में आसानी से मिल जाते हैं। इसके साथ ही कई राज्यों के जिलों में machhali palan विभाग में भी बीज मिल जाते हैं।

मछली पालन (Fish Farming) में मछलीयों का भोजन – Machli palan me Machli Ke Liye Feed

मछलियों का उन्नत विकास करने के लिए खाद्य सामग्री पर जोर देना बहुत आवश्यक है। मछलियों का भोजन रोजाना एक निश्चित समय पर दिया जाना चाहिए, जिससे मछलियों का रूटीन नहीं बिगड़ेगा। आटे की गोलीयां बनाकर बाल्टी में रखकर तालाब के अंदर छोड़ देना चाहिए। मछलियों को प्रयाप्त भोजन मिल रहा है या नहीं यदि आपको इस बात की जानकारी चाहिए, तो अपने हाथ को गीले आटे में भिगोकर पानी में कोहनी तक डूबा दे अगर आपका हाथ वापस बाहर लाने तक साफ दिखाई देता है, तो मछलियों को प्रचुर मात्रा में भोजन मिल रहा है।

मछली पालन में “मछली” का चुनाव – Machli palan ka tarika

मछलियों का चुनाव कराना बहुत आवश्यक है, क्योंकि कुछ मछलियां शाकाहारी एवं कुछ मछलियां मांसाहारी होती है। मछलियां हमेशा शाहकारी होनी चाहिए, जो दूसरी मछलियों को ना खाती हो। कुछ मछलियां ऐसी होती है, जो पानी की ऊपरी सतह पर तैरती हैं। जैसे कतला, सिल्वर कार्प

परंतु यह सभी मछलियां विदेशी मछलियां हैं। यह मछलियां साल भर में 2 किलो के वजन की हो जाती है।

इसके साथ ही पानी की मध्यम सीमा में तैरने वाली मछलियां निम्नलिखित हैं जैसे ग्रास, कार्प एवं रोहु। यह मछलियां 1 साल भर में 800 ग्राम वजन की हो जाती है। इसके साथ ही यह मछलियां जलीय वनस्पति खाने की शौकीन भी होती हैं।

यदि बात करें पानी की नीचे की सीमा की, अगर आप भी पानी के नीचे की सीमा में मछलियां पालना चाहते हैं तो आप कामन, कार्प एवं मिरगल जैसी मछलियां पाल सकते हैं। यह मछलियां पानी के निचले स्तर में रहने के कारण अपना भोजन स्वयं भी प्राप्त कर लेती है।

देखा जाए तो मछलियां कई प्रकार की होती है। वैसे आप किसी भी मछली के बीज अपने हिसाब से डाल सकते हैं। एवं ध्यान देने वाली बात यह है की आपके आसपास के एरिया में जिस भी तरह मछली की मांग ज्यादा हो, उस मछली का बीज अवश्य डाल दें। अगर आपने इन सभी मछलियों की पहचान किए बिना बीज बो दिए तो कई मछलियां महंगी भाव की निकलेगी इस कारण से वह आपके एरिया में नहीं बिकेगी और आपको भारी भरकम नुकसान उठाना पड़ेगा। इसी कारण से सोच समझकर मछलियों के बीज को डालें।

मछली पालन (Fish Farming) में मछलियों का देखभाल एवं उपचार – Machli Palan Me Machli Ki Dekhbhal Or Upchar

तालाब में मछलियों के बीज डालने के बाद आपको उनका समय समय पर देखभाल एवं ख्याल रखना होगा। अगर आप मछलियों को अपने तालाब में छोड़ने जा रहे हैं, तो मछलियों को एक बार पहले परेगनेट के गोल से स्नान अवश्य करा दें।

तालाब के पानी को प्रत्येक 2 महीनों या 40 दिनों के अंदर बदलते रहे इनसे मछलियों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

थोड़े थोड़े दिनों में तालाब के अंदर जाल फेंकते रहे जिससे हमें यह पता चल सके की किसी मछली को किसी प्रकार की चोट या कट तो नहीं लगी है। यदि किसी मछली को किसी प्रकार की चोटियां कट लगी हो तो उसका उपचार करवा दें। इसके साथ ही अगर किसी भी मछली के रेशे झड़ रहे हैं, तो उसको सिल्वर नाइट्रेट का घोल लगा दे, जिससे उसके रेशे झड़ कम हो जाएंगे। मछलियों के अंदर ठंड, सिंड्रोम एवं गैस जैसे रोगों का भी ध्यान रखें।

मछली पालन में मछली पकड़ने का समय – Machli palan ka tarika or machli pakdne ka sahi samay

इस व्यवसाय में सबसे बड़ा निर्णय यह होता है कि मछली को किस समय में बाहर निकाला जाए। क्योंकि अगर मछली को कम समय के अंदर ही बाहर निकाल लिया जाए, तो उसमें वर्दी नहीं हो पाएगी और वह हमारे लिए नुकसानदायक साबित होगी, क्योंकि उससे हमें कम पूंजी मिलेगी। इसके लिए सही समय का इंतजार करना पड़ता है यह इंतजार ही Machhali Palan कि एक बहुत बड़ी इकाई है। सही शब्दों में कहें तो मछली 12 महीने के बाद निकाल लेना चाहिए तब तक वह मछली एक से 2 किलो तक की हो चुकी होगी। इन बड़ी मछलियों को ही निकाल कर बेचना चाहिए इससे आपका व्यापार में मुनाफा अधिक होगा।

मछली पालन (Fish Farming)  में मछलियों की बिक्री – Machli Palan Me Machliyon ki Bikri

मछलियों की बिक्री का महत्वपूर्ण अंग यह है कि सभी लोग जो मछली खरीदने आते हैं वह किस प्रकार की मछली खाना पसंद करते हैं। ग्रामीण इलाकों के ज्यादातर लोग मछली खरीदते समय उनका दावा होता है कि मछली जिंदा है या नहीं, मछली ताजा है या बांसी इत्यादि। सभी लोग ग्रामीण इलाकों की मछलियों को ताजा खाना अधिक पसंद करते हैं एवं इसके बावजूद समुद्री इलाकों की मछलियां कुछ दिनों बाद ही बाजारों में बिकने आती है।

कहने का मतलब यह है कि अगर आप ग्रामीण इलाकों में मछली पालन कर रहे हैं, तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि मछली को ताजा एवं हो सके जहां तक जिंदा ही रखें। तभी आपका गांव में मत्स्य पालन सफल हो पाएगा।

मछली पालन से संबंधित अन्य जानकारियां – Machli palan kaise kare

  1. Machhali palan का व्यवसाय करते समय थोड़ा धैर्य रखना पड़ता है क्योंकि इस व्यवसाय में 1 साल के बाद कमाए होना शुरू होती है।
  2. अगर आप हो सके तो 1 साल पुराने मछली का बीजो का उपयोग करें क्योंकि 1 साल पुराने बीज में अधिक गुणवत्ता होती है।
  3. यदि आप Machhali Palan के साथ-साथ पानी की झींगे का भी पालन करना चाहते हैं। तो तालाब में मृगल एवं कॉमन कार्प मछलियों की संख्या कम रखें।
  4. अगर किसी दिन ज्यादा बादल हो जाए तो ज्यादा बादलों वाले दिनों में भोजन की खुराक कम डालें। साथ ही खाद का भी कम प्रयोग करें।
  5. समय-समय पर पानी की गुणवत्ता की जांच करते रहे। यदि किसी कारणवश पानी का रंग हरा होने लग जाए और मछलियां तालाब के किनारे सांस लेने लगे तो चूने के घोल का छिड़काव करें।
  6. अगर आपके तालाब के पास संभवत किसी भी प्रकार का जल स्त्रोत है, तो कम से कम तालाब का आधा पानी निकालकर जल स्त्रोत के द्वारा पानी भर दें। जल स्त्रोत जैसे नदी, नहर एवं झील इत्यादि। यदि ऐसा ना हो सके तो पानी को हिला जरूर दें।
  7. अगर हो सके तो पानी के पंप के द्वारा पानी को पुआरे की तरह गिरने दे इससे ऑक्सीजन की दर अधिक बढ़ जाती है।
  8. तालाब से हमेशा मछलियों को थोड़ी-थोड़ी कर निकालना चाहिए इससे कमाई भी अच्छी होती है एवं व्यापारी को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान भी नहीं होता।

Machli palan FAQ

Q1. मछली पालन के लिए मछलियों का बीज कहां मिलेगा?

Ans:- मछली पालन के लिए मछलियों का बीज निम्नलिखित स्थानों पर मिलेगा जैसे कि दिल्ली, हरिद्वार, आगरा एवं सहारनपुर इत्यादि। इन शहरों में आप किसी भी मछली के बीज प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा भी कई राज्यों के जिलों में भी मछली पालन का विभाग होता है,जहां से मछली पालन संबंधित जानकारियां मिलती है उस स्थान पर भी मछली पालन बीज मिल सकते हैं।

Q2. मछली पालन की शुरुआत किस तरह करें?

Ans:- मछली पालन की शुरुआत के लिए सबसे पहले तालाब के लिए भूमि एवं तालाब बनवा कर उसमें पानी भरवा दे। फिर आपके शहर में बिकने वाली मछलियों की किस्म के बीज तालाब में डालें। मछलियों को समय-समय पर भोजन देते रहें। उनका समय-समय पर रोगों से उपचार भी करवाएं। सही समय आने पर मछलियों को एक-एक करके तालाब से निकाल ले क्योंकि कम मछलियां निकालने से मछलियां खराब नहीं होगी और कमाई अच्छी होगी।

Q3. मछलियो को अधिक तेजी से बढ़ाने के लिए क्या खिलाए?

Ans:- मछलियों को अधिक तेजी से बढ़ाने के लिए गोबर खिलाए क्योंकि इसमें नाइट्रोजन की मात्रा अधिक होती है। इसका ज्यादातर भाग पानी में रहने से क्रिया प्लैकटन में बदल जाता है। इसको खाकर मछलियां अधिक तेजी से वजनी एवं लंबी होती है।

Q4. सबसे तेजी से बढ़ने वाली मछलियां कौन सी है?

Ans:- सबसे तेजी से बढ़ने वाली मछलियां कतला,भाखुर,रोहू इत्यादि हैं। यह सब मछलियां अधिक तेजी से बढ़ने के कारण जानी जाती हैं।

Q5. कौन सी मछली को भारत में मछली पालन के लिए बंद कर दिया गया?

Ans:- साल 2000 में भारत सरकार के द्वारा थाई मांगुर मछली को मछली पालन के लिए बंद कर दिया गया। क्योंकि यह मछली पानी में रहने वाली छोटी मछलियों एवं लाभदायक तत्वों को खा जाती थी। यह एक मांसाहारी मछली थी, जो मांस को बड़े ही चाव से खाती थी।

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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