कपास की तुड़ाई (चुनाई) के लिए सबसे अच्छी मशीन कौन सी है? जानें फीचर्स, मॉडल और कितने ने मिलेगी?

Written by: Kumar Vinod

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हर किसान आज के समय में कपास की खेती करता है ओर उस खेती में जो सबसे कठिन काम है वो कपास की तुड़ाई करना है। इसलिए आइए जानते है कि कपास की तुड़ाई (चुनाई) के लिए सबसे बेस्ट मशीनें कौन सी हैं? पोर्टेबल हैंडहेल्ड रोलर से लेकर बड़े शक्तिमान और जॉन डियर कॉटन हार्वेस्टर के मॉडल, कीमत और तस्वीरें किसान योजना के इस आर्टिकल में देखें।


सेल्फ-प्रोपेलड कॉटन पिकर
सेल्फ-प्रोपेलड कॉटन पिकर। इमेज सोशल मीडिया, इन्हैंस बाय किसान योजना एडिटिंग डेस्क
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Cotton Picking Machine: भारत में कपास को सफेद सोना कहा जाता है। लेकिन कपास उगाने वाले किसानों के सामने सबसे बड़ी आफत तब आती है जब फसल पककर तैयार हो जाती है ओर उसकी तुड़ाई या यूं कहें बिनाई करनी होती है। कपास की तुड़ाई (चुनाई) के समय अचानक मजदूरों की भारी कमी हो जाती है और जो मजदूर मिलते हैं वे मनमाना रेट मांगते हैं। इससे किसानों का खर्च बढ़ जाता है और मुनाफा घट जाता है।

इसी समस्या को हल करने के लिए आधुनिक खेती में कपास चुनने वाली मशीनों (Cotton Picking Machines) का चलन तेजी से बढ़ा है। बाजार में छोटे किसानों से लेकर बड़े जमींदारों के लिए अलग-अलग तरह की मशीनें मौजूद हैं। आइए जानते हैं कि आपके बजट और जरूरत के हिसाब से सबसे अच्छी मशीन और उसके मॉडल कौन से हैं।

छोटे किसानों के लिए पोर्टेबल कपास प्लकर मशीन (Handheld Cotton Picker)

किसान भाइयों अगर आपकी खेती छोटे स्तर पर है जैसे 1 एकड़ या 2 एकड़ और आपका बजट कम है तो हाथ से चलने वाली पोर्टेबल कॉटन प्लकर मशीन आपके लिए सबसे बेस्ट है क्योंकि ये काफी सस्ते में आपको मिलेगी ओर आपको छोटे स्तर का काम बखूबी अच्छे से करके देगी।

छोटे किसानों के लिए पोर्टेबल कपास प्लकर मशीन
पोर्टेबल कपास प्लकर मशीन. फोटो साभार: अली बाबा/किसान योजना एडिटिंग डेस्क

इसमें कई अलग अलग प्रकार के मॉडल इस समय बाजार में उपलब्ध है जिनमें सबसे लोकप्रिय मॉडल Rajkumar Handheld Electric Cotton Picker और Poonia Agro Tech Portable Picker है। आप इनमें से या फिर अपनी पसंद की किसी भी दूसरी मशीन का चुनाव कर सकते है।

यह कैसे काम करती है ओर इसकी क्षमता क्या है?

यह एक छोटी बैटरी (12V) या हल्के पेट्रोल इंजन से चलती है। इसमें आगे दो छोटे रोलर्स लगे होते हैं, जिनमें बारीक दांत होते हैं। जैसे ही आप इसे कपास के डोडे के पास ले जाते हैं, यह बिना पत्तों को नुकसान पहुंचाए सिर्फ रुई को खींच लेती है। कपास सीधा पीछे बंधे थैले में इकट्ठा हो जाती है।

क्षमता की अगर बात करें तो एक मजदूर जहां दिनभर में 40-50 किलो कपास चुन पाता है वहीं इस मशीन की मदद से अकेला व्यक्ति दिन में 80 से 150 किलो तक कपास आसानी से निकाल सकता है ओर इस लिहाज से देख जाए तो ये दो मजदूरों का काम एक दिन में कर सकती है। इसकी कीमत बाजार में ₹3,500 से ₹9,000 के बीच होती है लेकिन फिर भी आपको मौजूदा समय में क्या रेट चल रहे है इसकी जा करो अवश्य लेनी चाहिए ओर इसके लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक जरूर करें।

मध्यम और बड़े किसानों के लिए ट्रैक्टर चालित कॉटन हार्वेस्टर (Tractor Mounted Harvester)

किसान भाइयों यदि आपके पास 5 – 10 एकड़ या उससे ज्यादा जमीन है तो ट्रैक्टर के साथ अटैच होने वाली कपास कटाई मशीन एक शानदार विकल्प है क्योंकि आपकी खेती का साइज बड़ा है तो उस हिसाब से ये मशीन काफी जल्दी आपको काम करके देने वाली है। इसमें मौजूदा समय में जो लोकप्रिय मॉडल है उनमें Gomselmash PALESSE HMP-1.8 और ट्रैक्टर माउंटेड 2-रो हार्वेस्टर सबसे ज्यादा चल रहे है।

यह कैसे काम करती है ओर इसकी कीमत क्या है?

सबसे पहले तो आपको बता दें कि यह मशीन लगभग 50 से 75 हॉर्सपावर (HP) या उससे बड़े ट्रैक्टर के साथ जुड़कर काम करती है इसलिए आपके पास में ट्रैक्टर होना भी जरूरी है। इस मशीन की खासियत यह है किसान भाइयों की ये मशीन एक बार में दो कतारों (Rows) की कपास को एक साथ चुनती चलती है। इसके अलावा इन मशीनों में इन-बिल्ट प्री-क्लीनर लगे होते हैं जो कपास के साथ आने वाले पत्तों और सूखी टहनियों को खेत में ही झाड़ देते हैं और साफ कपास को पीछे लगे बड़े टैंक में भेज देते हैं।

ट्रैक्टर चालित कॉटन हार्वेस्टर
ट्रैक्टर चालित कॉटन हार्वेस्टर। फोटो सोर्स: अली बाबा/किसान योजना एडिटिंग डेस्क

इस मशीन की अनुमानित कीमत की अगर बात करें तो मौजूदा समय में भारत में इस तरह की ट्रैक्टर चालित मशीनों की शुरुआती कीमत ₹12 लाख से ₹15 लाख के आसपास होती है लेकिन फिर भी आपको इस समय की कीमत आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर चेक करनी चाहिए।

कमर्शियल खेती के लिए सेल्फ-प्रोपेलड कॉटन पिकर (Self-Propelled Heavy Harvester)

किसान भाइयों यह पूरी तरह से ऑटोमैटिक और खुद से चलने वाली विशाल मशीनें होती हैं। यह मशीनें उन लोगों के लिए हैं जो सैकड़ों एकड़ में खेती करते हैं या किराए पर चलाने का बिजनेस करते हैं। इस मशीन के लोकप्रिय मॉडल में Shaktiman Cotton Master 1437 और John Deere CP690 / 7760 है जो मार्केट में काफी अच्छे चल रहे है।

मशीन के फीचर्स ओर इसकी कीमत क्या है?

इस मशीन के फीचर्स की अगर बात करें तो शक्तिमान कॉटन मास्टर 1437 में 142 HP का दमदार इंजन लगा होता है। यह मशीनें बहुत कम समय में पूरा एकड़ खेत साफ कर देती हैं। इनमें एयर-कंडीशनर (AC) केबिन होता है जिससे ऑपरेटर बिना थके घंटों काम कर सकता है। वहीं आधुनिक जॉन डियर जैसी मशीनें कपास को चुनकर उसकी गोल बड़ी-बड़ी गांठें (Bales) बनाकर सीधे खेत में ही छोड़ देती हैं।

सेल्फ-प्रोपेलड कॉटन पिकर
सेल्फ-प्रोपेलड कॉटन पिकर। इमेज सोशल मीडिया, इन्हैंस बाय किसान योजना एडिटिंग डेस्क

इस मशीन की अनुमानित कीमत काफी अधिक है क्योंकि  ये मशीनें महंगी होने के साथ साथ प्रीमियम भी है ओर ऑटोमैटिक काम करती है। भारत में इनकी कीमत ₹80 लाख से लेकर ₹95 लाख या उससे भी अधिक हो सकती है। आपको कीमत एक बार चेक जरूर करनी है।

कपास की मशीन से तुड़ाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान

किसान भाइयों यदि आप बड़ी मशीन (हार्वेस्टर) से कपास की चुनाई कराने की सोच रहे हैं तो इन वैज्ञानिक तरीकों को जरूर अपनाएं ताकि कपास की क्वालिटी खराब न हो:

पत्तियां सुखाने की दवा (Defoliant Spray): मशीन चलाने से कुछ दिन पहले खेत में पत्तियां गिराने वाली हल्की दवा का छिड़काव किया जाता है। इससे पौधे की पत्तियां सूखकर गिर जाती हैं और मशीन बिना किसी कचरे के सिर्फ सफेद कपास चुनती है।

कतारों की दूरी: बड़ी मशीनों को चलाने के लिए बुवाई के समय ही कतार से कतार की दूरी (Row Spacing) को मशीन के साइज और टायरों के हिसाब से सेट करना जरूरी होता है।

किसान योजना कि नजर में आपके लिए कौन सी मशीन बेस्ट है?

कौन सी मशीन आपके लिए बेस्ट रहने वाली है इसका निर्धारण आपकी खेती के साइज पर निर्भर रहने वाला है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए ₹3,500 से ₹8,000 वाली बैटरी चालित हैंडहेल्ड प्लकर मशीन सबसे बेस्ट है जो कम खर्च में मजदूरों पर निर्भरता खत्म करती है।

बड़े किसानों या कस्टम हायरिंग सेंटर (किराए के व्यवसाय) के लिए अगर आप मशीन की खरीदारी करना चाहते है तो फिर ट्रैक्टर माउंटेड या शक्तिमान जैसी सेल्फ-प्रोपेलड कॉटन हार्वेस्टर सबसे बढ़िया मुनाफा देने वाला सौदा साबित होगा। इसमें से आपको कौन सी मशीन लेनी है ये आप अच्छे से विचार करके ही खरीदारी करें।

नोट: एक बात ओर भी बहुत जरूरी है जो सभी किसान भाइयों को हम बता देते है कि सभी किसान भाई अपने राज्य के कृषि विभाग या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में संपर्क करके इन मशीनों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी (Subsidies) की जानकारी जरूर लें जिससे मशीन की लागत काफी कम हो सकती है।

Kumar Vinod
लेखक के बारे में Kumar Vinod

जमाना बदल रहा है लेकिन बदलते जमाने के साथ पारंपरिक खेती को बचाकर रखना बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। नमस्कार मैं विनोद कुमार, हरियाणा से हूं ओर कृषि ओर टेक्सटाइल विषय के साथ स्नातक कर चुका हूं। मौजूदा समय में एक जर्मन टेक्सटाइल कंपनी में अपनी सेवाएं दे रहा हूं जहां कॉटन पर रिसर्च ओर डेवलपमेंट की जाती है। इसके अलावा बाकी समय अपने खेती कार्य ओर किसान योजना पर अपने खेती के अनुभव आप सभी के साथ में साझा करता हूं। उम्मीद है किसान भाइयों को हमारे जरिए मिलने वाली जानकारी से लाभ अवश्य मिलेगा। View all posts by Kumar Vinod →

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