भारी ओलावृष्टि से फसल ख़राब, खेतों में नजर आ रही है सिर्फ सफ़ेद बर्फ की चादर

Written by Vinod Yadav

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पहले राजस्थान और हरियाणा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने तबाही मचाई थी अब पंजाब में मौसम ने किसानो को बर्बाद कर दिया है। पंजाब के संगरूर के लहरागागा के साथ अन्य कई गांव भारी ओलावृष्टि की चपेट में आ चुके है। गेहू की फसल पूरी तरह से ख़राब हो गई है पशुओ के लिए चारे का संकट उत्पन हो गया है। खेतों में हरा चारा भी खत्म हो गया है। किसान बिलकुल बर्बाद हो चुके है। खेतों में सिर्फ सफ़ेद बर्फ की चादर नजर आ रही है। गेहू की फसल में कुछ नहीं बचा है।

अपनी फसल को बर्बाद होते देख किसानो की आँखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे है। किसान नवाब सिंह ने रोते हुए बताया की उन्होंने 6 एकड़ जमीन पर फसल बोई थी और इसके साथ ही दो एक जमीन किराये पर लेकर गेहू की फसल लगाई थी लेकिन मौसम की वजह से सब बर्बाद हो गया है उनके पास अपने पशुओ के लिए भी चारा नहीं है। किसान ने प्रति एकड़ 70 हजार रूपये के हिसाब से जमीन किराये पर लेकर गेहू बोया था लेकिन भारी ओलावृष्टि के कारण अब सिर्फ खेतों में सफ़ेद चादर के आलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। किसानो ने जल्द से जल्द फसल की गिरदावरी करवाने के लिए सरकार से दुहार लगाई है

विधायक ने किसानो को फसल के मुवावजे का ऐलान किया

पंजाब के लहरागागा के विधायक वीरेंदर कुमार गोयल ने कहा की किसानो को प्रति एकड़ 15 हजार रूपये मुवावजा दिलवाया जायेगा। सरकार की तरफ से बहुत जल्द मुवावजा राशि जारी की जाएगी। इस बार किसानो को बहुत अधिक नुकसान हुआ है।

मुवावजे की घोषणा से किसान संतुष्ट नहीं

विधायक की तरफ से की गई मुवावजा राशि की घोषणा के बाद किसान नाराज हो रहे है उनका कहना है की प्रति एकड़ जमीन 70 हजार रूपये किराया है और ओलावृष्टि की वजह से पूरी फसल ख़राब हो चुकी है। सरकार की तरफ से सिर्फ 15 हजार रु प्रति एकड़ मुवावजा देने की बात कही जा रही है लेकिन किसानो का नुकसान लाखो का हुआ है और सरकार की तरफ से सिर्फ हजारो में भरपाई की जा रही है

About Vinod Yadav

My name is Vinod Yadav and I am from Haryana. Although I do a job, but I am fond of writing. This blogging starts from here again. I belong to a farming family, so I have a good knowledge of agriculture. I am also an engineer in textile, so the market and plans are also taken care of. There's just one drawback. Bless you all. Hope to keep it. Jai Hind, Jai Jawan - Jai Kisan

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